
ठाणे ( यूनिस खान ) डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने ठाणे के चितलसर मानपाड़ा में हाउसिंग प्रोजेक्ट में घरों की कीमतें 2020-21 के रेडी रेकनर रेट के हिसाब से कम करने का निर्देश दिया। इस बारे में मीटिंग में निर्देश दिए गए कि पिछले ड्रॉ के 434 जीतने वाले बेनिफिशियरी को रखते हुए बाकी घरों का ड्रॉ नए रेट पर किया जाए।
चितलसर मानपाड़ा में म्हाडा के बनाए हाउसिंग प्रोजेक्ट में मिले 1173 घरों में से 938 घरों का ड्रॉ 14 जुलाई, 2025 को हुआ था। इस ड्रॉ में म्हाडा ऑफिस को इस बारे में मिली शिकायतों के हिसाब से, घरों की कीमतें 2025-26 के रेडी रेकनर रेट पर लेने का फैसला किया गया था, और यह आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम के ज़रिए हुआ। मीटिंग में म्हाडा के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव जायसवाल, कोंकण म्हाडा के सीईओ विशाल राठौड़ और म्हाडा के दूसरे खास अधिकारी और कर्मचारी और इस बारे में शिकायत करने वाले नागरिकों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इसमें खास तौर पर इन घरों को 2020-21 में एनओसी मिलने की वजह से, इन घरों की कीमतें 10,000 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट, यानी 44 लाख रुपये की दर से तय की गईं। लेकिन, 2025-26 में उन्हें फुल ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलने की वजह से, बाकी घरों की कीमतें बढ़ाकर 51 और 52 लाख रुपये कर दी गईं। इसलिए, एक ही बिल्डिंग में रहने वाले दो फ्लैट मालिकों से एक ही एरिया के फ्लैट के लिए अलग-अलग रेट लिए जा रहे हैं, इसलिए फ्लैट मालिकों ने मांग की कि इस रेट को एक जैसा किया जाए।
इसलिए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने म्हाडा के मैनेजिंग डायरेक्टर को निर्देश दिया कि एक ही बिल्डिंग में एक ही एरिया के घरों के लिए अलग-अलग कीमत लेने के बजाय 20-21 के रेडी रेकनर रेट के आधार पर कीमत ली जाए। इसके साथ ही, इस हाउसिंग प्रोजेक्ट की लॉटरी में म्हाडा को अपने एक्सेप्टेंस लेटर जमा करने वाले 434 बेनिफिशियरी को राहत दी जाए, जबकि बाकी घरों के लिए नए रेट पर नई लॉटरी निकाली जाए, ऐसा उपमुख्यमंत्री शिंदे ने इस मीटिंग में निर्देश दिया। इसलिए, अब इस हाउसिंग प्रोजेक्ट के घरों की नए सिरे से लॉटरी निकाली जाएगी और वे नागरिकों को 2020-21 के रेडी रेकनर रेट पर, यानी 44 से 46 लाख रुपये में मिलेंगे।


