Aman Samachar
ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़सामाजिक

समाज को संरक्षण प्रदान करने वाले अतुलनीय योद्धा थे महाराणा प्रताप

हाराणा प्रताप अनुपम आचरण, उत्कृष्ट शौर्य और उत्तम शासक की भूमिका के साथ समाज को संरक्षण प्रदान करने वाले अतुलनीय योद्धा थे। मेवाड़ ( सिसौदिया ) राजवंश के १३ वे महाराणा बने महाराणा प्रताप राणा उदय सिंह द्वितीय और महारानी जयबन्ता बाई की संतान थे इनका जन्म ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया रविवार विक्रम संवत् 1597 तदनुसार 9 मई 1540 को कुम्भलगढ़ में हुआ था। महाराणा प्रताप अपनी वीरता , साहस और दृढ़ संकल्प के लिये जाने जाते हैं ,वे भारतीय इतिहास के ऐसे नायक हैं जिनकी कहानियाँ आज तक प्रेरणा का स्त्रोत बनीं हुई हैं ।
       महाराणा प्रताप के व्यक्तिगत जीवन पर चर्चा करें तो राजपूत एकता को बल प्रदान करने के लिए 10 राजपूत राजकुमारियों से विवाह के संबंध स्थापित किए किंतु प्रमुख महारानी अजबदे पंवार थी जिनसे 1557 में महाराणा प्रताप जी का विवाह हुआ था ,1559 में बेटा पैदा हुआ जिनका नाम अमर सिंह था जो भविष्य में महाराणा प्रताप के उत्तराधिकारी बने ।
महाराणा प्रताप जी ने ही उदयपुर को मेवाड़ की पहली राजधानी और कुम्भलगढ़ को दूसरी राजधानी बनाया साथ ही साथ चावंड और गोगुंडा को भी ऐतिहासिक नगरों में स्थान दिया । समाज को श्रेष्ठ संरक्षण प्रदान करने एवं मुग़ल आक्रांताओं से रक्षण करने हेतु महाराणा प्रताप जी ने कई युद्ध लड़े जिनमे प्रमुख रहा हल्दी घाटी का युद्ध ।
     18 जून 1576 में महाराणा प्रताप जी और मुग़ल अकबर के बीच राजस्थान के गोगुंडा के पास एक सकरे पहाड़ी दर्रे में हल्दी घाटी का ऐतिहासिक युद्ध हुआ। अपने लगभग 50 वर्ष के शासनकाल में अकबर 30 वर्ष तक केवल महाराणा प्रताप जी से ही युद्ध लड़ता रहा जिनमे 1576, 1577, 1578 और 1579 के निर्णायक युद्धों में उसे पराजय ही मिली। 1582 में महाराणा प्रताप जी ने मुग़ल चौकी पर कब्जा किया जिससे मुग़ल सैन्य चौकियों का आधिपत्य ख़त्म हुआ और कुम्भलगढ़ , उदयपुर और गोगुंडा सहित पश्चिमी मेवाड़ को पुनः प्राप्त कर आधुनिक उदयपुर के पास नई राजधानी चावड़ का निर्माण किया ।
       प्रसिद्ध इतिहासकार श्री विजय नाहर की पुस्तक ‘ हिन्दुआ सूर्य महाराणा प्रताप ‘ के अनुसार ‘ राणा उदय सिंह जी ने युद्ध की नयी नीति छापामार युद्ध प्रणाली का आविष्कार किया जिसका भरपूर प्रयोग महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज ने करके मुग़लों के विरुद्ध सफलता प्राप्त की । महाराणा प्रताप अकबर से कभी नहीं हारे हर बार अकबर को मुँह की खानी पड़ी , 9 वर्ष तक निरंतर अकबर पूरी शक्ति के साथ लड़ा , आक्रमण किया किंतु नुक़सान उठता रहा अंत में परेशान होकर उसने मेवाड़ की ओर देखना ही बंद कर दिया ,महाराणा प्रताप जी के प्रतापी जीवन में ऐसा अवसर कभी नहीं आया कि उन्हें अकबर को संधि पत्र लिखना पड़ा हो या घास की रोटी खानी पड़ी हो ,एक राजा , 15 सौ अश्वारोही , सौ हाथी , 20 हज़ार पैदल और सौ वजित्र रखने वाले महाराणा को घास की रोटी खानी पड़े यह कल्पना से बाहर है ।
      महाराणा प्रताप जी की वीरता का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि उनके देवलोकगमन का समाचार लाहौर में जब अकबर को मिला तो वह व्यक्तिगत अवसाद में डूब गया। महाराणा प्रताप जी का समाज प्रेम अनन्य था इसी का श्रेष्ठ उदाहरण है भील समाज द्वारा उन्हें अपना राजा घोषित करके ‘ कीका संबोधन प्रदान करना। इतना ही नहीं पशु भी महाराणा प्रताप जी
के प्रेम और मित्रता के क़ायल थे जिसका श्रेष्ठ उदाहरण अमर अश्व चेतक ने अपना बलिदान देकर और गज रामप्रसाद ने प्राणों का उत्सर्ग कर इतिहास में नाम दर्ज कराया ।
        80 किलो का भाला , 25 किलो की तलवार , 72 किलो का कवच और 5 किलो के जूते धारण करने वाले महाराणा प्रताप जी आज भी वीरता के शिखर पुरुष माने जाते हैं ,महाराणा प्रताप जी के युद्ध कौशल व बहादुरी का एक उदाहरण आज तक इतिहास में आश्चर्यजनक है जिसमें अकबर के सबसे शक्तिशाली सेनापति बहलोल ख़ान को हल्दी घाटी के युद्ध में घोड़े सहित दो हिस्सों में काट दिया था। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी ने अपने गौरवशाली जीवनकाल में 21 बड़े युद्ध लड़े और 300 से अधिक मुग़ल चौकियाँ ध्वस्त कीं जिन पर मुग़ल सैनिकों की संख्या 3000 तक थी।
       महाराणा प्रताप जी की वीरता उनकी ऊँचाई और भाले से आंकने के बजाय आज आवश्यकता है महाराणा प्रताप जी के जीवन से राष्ट्र भक्ति की शिक्षा ग्रहण कर मातृभूमि के लिए सर्वस्व न्योछावर करने का प्रण लें । राष्ट्र के प्रति सर्वश्रेष्ठ भावनाओं का निर्माण एवं समाज के प्रति कल्याणकारी जीवन जीना ही वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी को सच्ची आदरांजलि होगी।
[ लेखक , कुँवर राकेश गंभीर सिंह तोमर ]

संबंधित पोस्ट

शिवसेना विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भाजपा नेताओं ने मनपा मुख्यालय के सामने किया आन्दोलन 

Aman Samachar

मनपा के पांचों केंद्रों में आज से दिया जाएगा कोरोना का टीका

Aman Samachar

भिवंडी मनपा सभापति धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार

Aman Samachar

कफ परेड झुग्गीवासियों के पुनर्वास में मदद के लिए आगे आये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले

Aman Samachar

कैप्री ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड ने किफायती हाउसिंग लोन – प्राइम लॉन्च

Aman Samachar

   बैंक ऑफ़ बड़ौदा प्रत्येक संवितरित ऑटो और होम लोन के साथ एक पौधा लगाएगा 

Aman Samachar
error: Content is protected !!