
मुंब्रा- कलवा विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख वोटर्स के नाम कटे
ठाणे [ युनिस खान ] एसआईआर के ज़रिए मज़बूत विपक्षी लीडरशिप को खत्म करने की साज़िश रची जा रही है। जो पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में किया गया, वही यहाँ भी किया जा रहा है। कलवा, मुंब्रा इलाकों में भी दो लाख वोट काटे गए हैं, ऐसा आरोप राकांपा शरदचंद्र पवार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने लगाया है।
राकांपा -शरदचंद्र पवार पार्टी के यूथ लीडर समीर शमीम खान के जनसंपर्क कार्यालय का उद्घाटन मुंब्रा में डॉ. जितेंद्र आव्हाड के हाथो और जिलाध्यक्ष मनोज प्रधान की मौजूदगी में किया गया। इस मौके पर डॉ. जितेंद्र आव्हाड बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बंगाल में ऐसी कोई सिचुएशन नहीं थी जहाँ ममता बनर्जी हारतीं। यह बात सामने आई है कि उनकी पार्टी उतने ही वोटों से हारी जितने वोट एसआईआर में काटे गए थे। दिलचस्प बात यह है कि इलेक्शन कमीशन ने भी सफाई दी है कि ये नाम गलती से काटे गए थे। तमिलनाडु में स्टालिन को कैसे हराया जा सकता है? स्टालिन सिर्फ़ 1500 वोटों से हारे थे। ममता बनर्जी और स्टालिन दोनों ही पहले मुख्यमंत्री हैं उन्हें साज़िश के ज़रिए हराया गया है। यह भाजपा और उसके साथियों की साज़िश है। जो भी मज़बूत कैंडिडेट हो, उसके वोट एसआईआर के ज़रिए काटो और उसे हराओ, यही पॉलिसी बनाई गई है। इसलिए हम अपील करते हैं कि ज़ेन ज़ी, जिनकी उम्र 30 साल से कम है और जो युवा हैं और 18 साल से ज़्यादा उम्र के हैं, वे आने वाले दिनों में फ़ॉर्म नंबर छह भरकर वोटर बन जाएं। हमें किसी से डरने की कोई वजह नहीं है। लेकिन वोट रजिस्टर करना हमारी पार्टी संगठन की ज़िम्मेदारी है। संगठन को युवाओं तक पहुंचकर ज़िम्मेदारी से काम करना चाहिए। चुनाव में अभी ढाई साल बाकी हैं, लेकिन वे जल्दी या कभी भी चुनाव करा सकते हैं। उन्हें कोई भरोसा नहीं है, चुनाव कभी भी आएं, लेकिन हमारी तैयारी आज से ही शुरू होनी चाहिए। समीर खान को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि ये ऑफिस लोगों की मदद के लिए 24 घंटे खुले रहने चाहिए। चाहे राशन कार्ड हो, हॉस्पिटल की कोई प्रॉब्लम हो, घर की कोई प्रॉब्लम हो, हमें उन्हें सॉल्व करना चाहिए। हमारे वर्कर घर-घर तक पहुंचें।
इस बीच, मनोज प्रधान ने कहा कि वार्ड नंबर 33 में समीर खान के ऑफिस का उद्घाटन हुआ है। आज समीर खान इस ऑफिस का उद्घाटन कर रहे हैं। यह खास बात है कि ऑफिस का उद्घाटन तब हो रहा है जब चुनाव नहीं हैं। इसलिए यह ऑफिस साढ़े चार साल बाद होने वाले चुनावों में जीत का जरिया बनेगा, पिछले चुनाव में समीर सिर्फ दो सौ वोटों से हारे थे। अब उन्हें साढ़े चार साल मिलेंगे। वह अगला चुनाव कम से कम 2500 वोटों से जीतेंगे। यह ऑफिस लोगों और उनके काम के बीच एक कड़ी है, लोगों को पता होना चाहिए कि अगर हम इस समय आएंगे तो समीर हमसे वहीं मिलेंगे। हर इंसान को यकीन होना चाहिए कि उसकी प्रॉब्लम यहां सॉल्व होगी, ऐसे काम करें, उन्होंने कहा।
इस समय कलवा-मुंब्रा विधानसभा क्षेत्र आध्यक्ष शमीम खान, विरोधी पक्षनेता अशरफ शानू पठान, रीता आव्हाड, ठाणे अल्पसंख्यकं विभाग के मुफ्ती, नगर सेवक यासीन कुरैशी, सुधीर भगत, मर्जिया पठान, दीपाली भगत, मनीषा भगत, भूषण गोटे, पल्लवी जगताप, शाकिर शेख, सीमा दाते वगैरह मौजूद थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उलेमा भी मौजूद थे जिसमें मौलाना शाफिकूर रहमान नदवी,मौलाना अज़हर सिद्दीकी,मौ लाना रफीक अजमल,मौलाना अब्दुल रब मदनी,मौलाना शेराजी के अलावा कवी शमीम सिद्धार्थ आदि उपस्थित थे। साथ ही,हिन्दी भाषी सेल मुंब्रा कलवा के अध्यक्ष शोएब खान,अल्पसंख्यक मुंब्रा कलवा के इम्तियाज वनू ,महासचिव इम्तियाज़ खान उर्दू,कौसा ब्लॉक के अध्यक्ष जावेद मेडिकल,मुंब्रा ब्लॉक के अध्यक्ष बबलू शिमनां,अतिक खांचे,जुबेर अंसारी,महिला कार्यकारी अध्यक्ष नूर अहमदी चौधरी,कमर जहां,शाहिना आजमी,जॉ.अर्शद आज़मी,पुर्व शिक्षक सैय्यद जाहिद अली, गूंजन सेठ इत्यादि उपस्थित थे।


