
नायब तहसीलदार की 80 वर्षीय मां का नाम गाय
ठाणे ( यूनिस खान ) इलेक्शन कमीशन के स्पेशल इन-डेप्थ रिविजन (एसआईआर) कैंपेन की वजह से ठाणे का पॉलिटिकल माहौल काफी गरमा गया है। ठाणे जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट विक्रांत चव्हाण ने गंभीर आरोप लगाया है कि एसआईआर कैंपेन में ठाणे मनपा क्षेत्र में करीब 24 लाख वोटर्स के नाम कम कर दिए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे में रहने वाले नायब तहसीलदार दिनेश पैठणकर की 80 साल की मां और चव्हाण की पत्नी के नाम भी गायब कर दिए गए हैं। एड विक्रांत चव्हाण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी है।
कांग्रेस के विक्रांत चव्हाण ने ठाणे में एसआईआर कैंपेन का पर्दाफाश किया है। एडवोकेट चव्हाण ने दावा किया कि बीएलओ ने कई जगहों पर घर-घर जाकर सर्वे ट्रांसपेरेंट तरीके से नहीं किया। ओवला-मजीवड़ा चुनाव क्षेत्र में करीब साढ़े तीन लाख नाम, जबकि कलवा-मुंब्रा चुनाव क्षेत्र में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाल ने दावा किया कि एसआईआर कैंपेन 80 परसेंट सफल रहा, लेकिन, चव्हाण ने कहा कि असल में यह कैंपेन 80 परसेंट फ्लॉप रहा। आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि ठाणे के रहने वाले नायब तहसीलदार दिनेश पैठणकर की 80 साल की मातोश्री वत्सला बाबूलाल पैठणकर का नाम एप्लीकेशन भरने के बावजूद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। खास बात यह है कि उन्होंने बताया कि चव्हाण की पत्नी अरुणा विक्रांत चव्हाण का नाम, जो दशकों से वोटर लिस्ट में था, एसआईआर प्रोसेस के बाद भी हटा दिया गया।
एड चव्हाण ने चुनाव विभाग और जिला प्रशासन से जांच की मांग की है, उनका आरोप है कि एसआईआर प्रोसेस में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। सभी छूटे हुए नाम तुरंत वापस जोड़े जाएं, नहीं तो उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है। विक्रांत चव्हाण ने यह भी मांग की है कि एसआईआर कैंपेन को फिर से लागू किया जाए।


