
नवी मुंबई ( हिना खान ) हर साल की तरह इस साल भी नवी मुंबई महानगरपालिका के ईटीसी दिव्यांग शिक्षा, प्रशिक्षण और सेवा केंद्र ने बधिर, दृष्टिहीन, सीखने में अक्षम, मानसिक रूप से मंद और बहुदिव्यांगता की सभी श्रेणियों में 100 प्रतिशत परिणाम प्राप्त कर यह दिखा दिया है कि प्रगति में हम किसी से कम नहीं हैं। मनपा आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने इन सफल बच्चों की विशेष सराहना की है।
शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में ईटीसी केंद्रों से कुल 19 विशेष बच्चे दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में बैठे। सभी विद्यार्थी उत्कृष्ट अंकों के साथ उत्तीर्ण हुए हैं। सुश्री कल्याणी अवाटे ने मानसिक रूप से बीमार वर्ग में 85 प्रतिशत अंक के साथ सर्वोच्च अंक प्राप्त किए हैं। मानसिक रूप से विकलांग विभाग के कुल 14 विशेष बच्चों ने उनकी मदद से सफलता हासिल की है। उनमें से दो, विनायक पाटिल और रिया शिंदे को माता-पिता के मार्गदर्शन के माध्यम से ईटीसी केंद्र द्वारा मदद दी गई। इसके अलावा, मंथन थोराट, द्रोण माधवी, अब्दुल खान, तेजस शेट्टी, विशलेश कुवर, मंदार रणदिवे, तन्मय कलांबे, आयुष घाडगे, विनायक चव्हाण, स्वरा पैडले और ईश्वरी डांडे उन विशेष छात्रों में से हैं जो मानसिक रूप से विकलांग वर्ग में उत्तीर्ण हुए हैं।
बधिर वर्ग से मारिया नागलेकर ने 77.60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। निषाद दवे ने लर्निंग डिसेबिलिटी विभाग में सफलता हासिल की है। दृष्टि विभाग के सूरज भोसले प्रतिदिन ईटीसी केंद्र में आ रहे हैं, जबकि श्रावणी बोरे ने माता-पिता के मार्गदर्शन से सफलता प्राप्त की है। सोहम पाटिल ने बहु विकलांगता श्रेणी में सफलता हासिल की है।इनमें से कुछ बच्चों ने अंग्रेजी माध्यम से तो कुछ ने मराठी माध्यम से यह सफलता हासिल की है। बच्चों ने अपनी शैक्षणिक पढ़ाई के अलावा अन्य पाठ्येतर गतिविधियों में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
ईटीसी सेंटर के निदेशक डिप्टी कमिश्नर संघरत्न खिलारे ने इन बच्चों की सफलता पर संतोष व्यक्त किया और कामना की कि ये छात्र भविष्य में भी इसी तरह सफलता प्राप्त करें और अपने पैरों पर खड़े हों। इन बच्चों की सफलता ईटीसी सेंटर के शिक्षकों और चिकित्सकों के विशेष प्रयासों के कारण है। केंद्र के मनोचिकित्सक लगातार इन बच्चों को प्रोत्साहित कर रहे हैं और उनके माता-पिता को मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान कर रहे हैं।


