
मुंबई ( युनिस खान ) महाराष्ट्र देश का एक उद्योग-अनुकूल राज्य है और उद्योग एवं निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ‘व्यापार सुगमता’ के तहत राज्य में निवेश और उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण मौजूद है। उन्होंने जियो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार एवं सामुदायिक गठबंधन (IABCA) वैश्विक मंच के नेताओं और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ गोलमेज सम्मेलन में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह राज्य सरकार से निवेशकों और उद्यमियों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों के लिए नई नीतियाँ बना रही है। आने वाले दिनों में 14 क्षेत्रों के लिए नीतियों की घोषणा की जाएगी। इसमें सेवा क्षेत्र भी शामिल है। राज्य की आर्थिक प्रगति में सेवा क्षेत्र की प्रमुख भूमिका है। उद्यमियों और निवेशकों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े और वे सभी परमिट शीघ्र प्राप्त कर सकें, इसके लिए मैत्री पोर्टल बनाया गया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी कहा कि एक-खिड़की योजना लागू की गई है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि उद्यमियों को राज्य में निवेश करते समय अच्छा अनुभव प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि व्यापार सुगमता में नए सुधार किए जा रहे हैं। नई निवेश अवधारणाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। राज्य में एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जा रहा है। वधान बंदरगाह के कारण राज्य समुद्री व्यापार क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भागीदार होगा। पूरे राज्य के महत्वपूर्ण स्थानों को छह घंटे की दूरी पर वधान बंदरगाह से जोड़ा जा रहा है। राज्य में सीवेज प्रबंधन, उसके प्रसंस्करण, सौर ऊर्जा और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्रों में निवेश के अपार अवसर हैं। ऑस्ट्रेलिया के उद्योगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। इस क्षेत्र में निवेश के लिए पहल की जानी चाहिए। पुणे में एक नया हवाई अड्डा बनाया जा रहा है। इससे पुणे शहर के विकास को और गति मिलेगी। तेज़ परिवहन के लिए पुणे में नई बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ बनाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी कहा कि सरकार उद्योगों और निवेशकों के लिए सकारात्मक निर्णय ले रही है।
इस गोलमेज सम्मेलन से पहले, मुख्यमंत्री फडणवीस ने आमंत्रितों और उद्योग प्रतिनिधियों से बातचीत की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी देश है। बड़ी संख्या में भारतीय छात्र वहाँ शिक्षा के लिए जाते हैं। अब यही शिक्षा नवी मुंबई स्थित ‘एजुसिटी’ में उपलब्ध होगी। साथ ही, कुरनूल विश्वविद्यालय और गोंडवाना विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौते से खनन क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा उपलब्ध होगी और गढ़चिरौली जिले के लौह उद्योग को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि गढ़चिरौली देश की लौह राजधानी बनेगा। इस अवसर पर विपणन मंत्री जयकुमार रावल, ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन, उद्योग विभाग के सचिव पी. अंबाल्गन और विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


