
ठाणे ( यूनिस खान ) एक्सीलेंस क्लासेस मुंब्रा के बच्चे शिक्षा लेकर आईएएस, आईपीएस बने इसके समर्थन के लिए आज मैं यहां आया हूं। शायर ने कहा है कि पढ़ोगे तो बनोगे नवाब , बच्चों में यह सोच आनी चाहिए। इस तरह का उद्गार व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हाजी अराफात शेख ने कहा कि मुस्लिम बच्चे उत्तम शिक्षा लेकर आईएस, पीसीएस बने, यह मेरी शुभकामना है। इसके लिए मैं हर संभव सहयोग करने के लिए तैयार है। हाजी अराफात शेख मुंब्रा में आल इंडिया राब्ता ए मस्जिद बोर्ड की ओर से आयोजित बोर्ड परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि थे। एसएसी बोर्ड परीक्षा में 95 फीसदी अंक लेकर उत्तीर्ण कैफ़ी ऐमन सुहैल, एचएससी बोर्ड परीक्षा में साइंस माध्यम में 95 फीसदी अंक प्राप्त कर मुंब्रा में प्रथम शेख जाजबिया मोहम्मद अली और एचएससी कॉमर्स में 97 फीसदी अंक लेकर ठाणे जिले में प्रथम आये मांगे श्रेयश दिनकर को ट्रॉफी देकर अतिथियों के हाथों सम्मानित किया गया। सभी विद्यार्थियों को बोर्ड के नायब सदर हाफिज अब्दुल रब मदनी ने शुभकामनाएं दी।
हाजी अराफात शेख ने एक्सीलेंस क्लासेस की सराहना करते हुए कहा कि आज तीन चार बच्चों का सत्कार हो रहा है। आगे बड़ी संख्या में बच्चों का सत्कार होना चाहिए। हम सरकार की तरफ से क्लासेस को मदद दिलाएंगे। सरकार की सभी योजनाएं मुस्लिमों तक पहुंचे, बच्चों की शिक्षा के लिए योजनाओं का लाभ मिले, किसी भी समय जरूरत पड़ने पर अपने भाई को याद करो, मै आपकी मदद के लिए तैयार मिलूंगा। हाजी अराफात शेख ने बोर्ड के नायब सदर हाफिज अब्दुल रब मदनी का आयोजन के लिए सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा होगी और मुंब्रा के युवा शिक्षा के माध्यम से तरक्की करेंगे।
वरिष्ठ नेता सैयद अली अशरफ ने कहा कि हमारे समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है। बाबरी मस्जिद की शहादत के बाद शिक्षा की ओर मुस्लिम युवकों का झुकाव बढ़ रहा है। मुस्लिम इलाकों अपेक्षा मुंब्रा में स्नातक युवकों की संख्या अधिक है। मोबाइल पर अधिक ध्यान रहता है, तकनीक में मुस्लिम युवक आगे है लेकिन इंजीनियर नहीं बनते हैं। गरीब अब्दुल्ला इंस्टिट्यूट मुंब्रा में जहाज का इंजन रखा है, अंबरनाथ आदि इलाकों से बच्चे पढ़ने आते है। मनपा स्कूलों में सुधार करने की जरूरत है। ऐसा हुआ तो बच्चों को भटकने से रोका जा सकता है। मुंब्रा के बच्चे ठाणे में अपनी क्षमता को दिखा रहें हैं। शिक्षा के मुद्दे पर नेताओं को ध्यान देना चाहिए। मुंब्रा में शिक्षा का माहौल है इस पर ध्यान देने की जरूरत है। हाजी अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हैं वे सरकारी सहायता दिलाने में मददगार बन सकते हैं, बच्चे गलत संगत से बचे तभी उनका भविष्य बन सकता है।
मुफ्ती मोहम्मद हुजैफा ने कहा कि राजनीति और धार्मिक नेताओं के बीच दूरी है। यही कारण है कि अल्पसंख्यकों की स्थिति नहीं सुधरी है। बहुसंख्यकों की अपेक्षा अल्पसंख्यकों को अधिक मेहनत करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हुनर , तालीम, में मुकाम बनाया लेकिन उच्च पदों पर पहुंचने में कम पद गये। गरीबी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा के बल एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल मैन और देश के सम्मानित राष्ट्रपति बने।, उनसे सीख लेने की जरूरत है। शिक्षा ही ऐसा मार्ग है जिससे हर मुकाम हासिल कर सकते है और उसे कोई रोक नहीं सकता है। हम लोगों के काम आने में पीछे रहते है और मुर्दाबाद, जिंदाबाद के नारों में आगे रहते है। तालीम ही आगे ले जा सकती है, शूट बूट नहीं, इसका बच्चों को ध्यान में रखकर शिक्षा में मेहनत करनी चाहिए।


