
विभिन्न प्रभागों में लगाए गए 50 पौधे, शहर को हरा-भरा बनाने के लिए अभियान रहेगा जारी
ठाणे ( यूनिस खान ) पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र में वृद्धि और वृक्ष संवर्धन का संदेश देने के उद्देश्य से महापौर शर्मिला पिंपळोलकर की पहल पर ठाणे शहर में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। ठाणे महानगरपालिका के माजिवडा-मानपाडा, वर्तकनगर, उथलसर, वागले और कोपरी प्रभागों के विभिन्न स्थानों पर महापौर की उपस्थिति में पौधारोपण किया गया। इस अभियान के तहत कुल 50 पौधे लगाए गए।
इस अवसर पर सांसद नरेश म्हस्के, उपमहापौर कृष्णा पाटील, गुटनेता मुकेश मोकाशी, उथलसर प्रभाग समिति के सभापति नारायण पवार, कोपरी प्रभाग समिति की सभापति मीनल संखे, वागले प्रभाग समिति की सभापति एकता भोईर, वर्तकनगर प्रभाग समिति की सभापति जयश्री डेविड, नगरसेवक संजय भोईर, राजेंद्र फाटक, दीपक जाधव, नगरसेविकाएं उषा भोईर, सपना भोईर, नंदा पाटील, नम्रता भोसले सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
इस वर्ष मानसून के दौरान तेज हवाओं के कारण ठाणे शहर के विभिन्न इलाकों में कई पेड़ उखड़कर गिर गए थे। शहर के मौजूदा हरित क्षेत्र को बनाए रखने और नए पौधे लगाकर पर्यावरण संतुलन कायम रखने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया गया है। महापौर शर्मिला पिंपळोलकर ने बताया कि शहर के विभिन्न हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से वृक्षारोपण किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
अभियान के तहत कोपरी के बारह बंगला परिसर, लोढ़ा पैराडाइज, बेथनी अस्पताल परिसर, उथलसर के ब्रह्माला तालाब परिसर तथा वागले एस्टेट के रायलादेवी परिसर में आंवला, विलायती इमली, रामफल और इमली सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इन पौधों की व्यवस्था डॉ. दयानंद पाटील ने ठाणे मनपा के लिए की थी। प्रकृति, वृक्षों और मानव जीवन के अटूट संबंध को रेखांकित करने के लिए इस अवसर पर आचार्य प्रशांत गीते ने सप्तशंखनाद किया।
महापौर ने कहा कि पेड़ केवल शहर की सुंदरता बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि स्वच्छ हवा, जैव विविधता और स्वस्थ पर्यावरण के महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण भी बेहद जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ठाणे शहर को अधिक हरा-भरा, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए वृक्षारोपण एवं वृक्ष संरक्षण अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लें।


