
ठाणे ( यूनिस खान ) राकांपा -शरदचंद्र पवार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जितेंद्र आव्हाड के नेतृत्व में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट में जिलाध्यक्ष, मनोज प्रधान, कलवा मुंब्रा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष शमीम खान और सभी नगर सेवक शामिल हुए। इस मौके पर डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने अभिजीत दीपके से मुलाकात की और प्रोटेस्ट को सपोर्ट किया। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वे महाराष्ट्र में मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे।
नीट पेपर स्कैम केस में यूनियन एजुकेशन मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके की लीडरशिप में नई दिल्ली में एक ज़ोरदार प्रोटेस्ट शुरू किया गया है। 20 जुलाई को इन प्रोटेस्ट करने वालों पर बुरी तरह लाठीचार्ज किया गया था। गुरुवार को प्रोटेस्ट में डॉ. जितेंद्र आव्हाड, मनोज प्रधान, मनपा में विरोधी पक्ष नेता अशरफ शानू पठान, गट नेता अभिजीत पवार, महिला अध्यक्ष मनीषा भगत और दूसरे नगर सेवक शामिल हुए। डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने जंतर-मंतर मैदान में अभिजीत दीपके से मुलाकात की और प्रोटेस्ट को सपोर्ट किया। इस समय स्टूडेंट्स को हल्के में न लें, स्टूडेंट्स ने ही इस देश में क्रांति की है। बिहार और गुजरात के स्टूडेंट्स ने ही इस देश की सबसे ताकतवर महिला इंदिरा गांधी को हिलाकर रख दिया था। स्टूडेंट्स ने ही 1973 में जयप्रकाश नारायण को विरोध का नेतृत्व सौंपा था। इस विरोध के बाद इमरजेंसी लगी और बाद में इंदिरा गांधी को पद छोड़ना पड़ा। शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव, जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई में ब्रिटिश सत्ता को सबसे बड़ा झटका दिया, वे भी स्टूडेंट्स ही थे। डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि आज देश में जो हो रहा है, उसे नज़रअंदाज़ करना इतिहास की बहुत बड़ी गलती होगी।


