
ठाणे ( यूनिस खान ) शहर के जोगिला तालाब में डूबने से हुई दो बच्चियों की मौत ने ठाणे मनपा प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। 25 सितंबर को तालाब से दो बच्चियों की लाश मिलने से शहर हड़कंप मच गया। मनपा आपदा प्रबंधन ने स्थानीय पुलिस की उपस्थिति में दोनों लाश निकालकर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया है। स्थानीय पुलिस घटना की जांच कर रही है। वहीं ठाणे शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल पिंगले ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए इसके लिए मनपा प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर मासूम बच्चियों की मौत के बाद प्रशासन नहीं जागा, तो मनपा और कितने बच्चों के मरने के बाद जागेगी। पिंगले ने सोशल वर्कर संदीप खांबे, ब्लॉक प्रेसिडेंट प्रवीण खैरालिया और लोकल लोगों के साथ जोगिला तालाब इलाके का इंस्पेक्शन किया। उन्होंने बताया कि तालाब के चारों ओर कोई सुरक्षा दीवारें नहीं हैं और कोई सुरक्षा गार्ड नहीं हैं। ऐसी घटनाओं के बचाव के ज़रूरी कोई व्यवस्था नहीं है। पिंगले ने आरोप लगाया कि सौंदर्यीकरण का काम अधूरा है, सुरक्षा व्यवस्था ज़ीरो है और लोगों की जान की ज़िम्मेदारी को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या एडमिनिस्ट्रेशन ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि बच्चे आसानी से तालाब तक पहुँच सकते हैं। मनपा के अधिकारी एसी केबिन में बैठकर टेंडर जारी करने में बिज़ी हैं; लेकिन असल काम की जगह पर लोगों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी कदम उठाना किसकी ज़िम्मेदारी है?” पिंगले ने इस पर सवाल उठाते हुए मनपा प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
इस घटना को सिर्फ़ एक हादसा कहकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। कांग्रेस ने मांग की है कि मासूम बच्चों की जान गई है और इसके लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की ज़िम्मेदारी तय की जानी चाहिए। पिंगले ने मांग की कि पूरे मामले की पूरी जांच की जाए और दोषियों के ख़िलाफ़ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाए, पीड़ित परिवारों को तुरंत आर्थिक मदद दी जाए।24 घंटे के अंदर जोगिला तालाब के चारों ओर सीसीटीवी और टेम्पररी बैरिकेड लगाए जाएं। अन्यथा उन्होंने चेतावनी दी कि ठाणे कांग्रेस के ज़रिए एक ज़ोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा।


