
ठाणे ( यूनिस खान ) कोंकण ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी एडवोकेट निरंजन डावखरे ने कहा कि बदलती एम्प्लॉयमेंट की दुनिया में सिर्फ एजुकेशनल क्वालिफिकेशन काफी नहीं है, बल्कि इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से स्किल्स, टेक्नोलॉजिकल नॉलेज और काबिलियत डेवलप करना जरूरी है। महाराष्ट्र सरकार के स्किल, एम्प्लॉयमेंट, एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय रोजगार महाकुंभ’ के तहत मंगलवार को ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय में जॉब फेयर लगाया गया। इस मौके पर डावखरे ने युवाओं और हिस्सा लेने वाली कंपनियों के रिप्रेजेंटेटिव से बातचीत में कहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर, एक ही दिन, एक ही समय पर पूरे राज्य में 500 से ज्यादा जगहों पर जॉब फेयर और प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित किए गए। इस राज्यव्यापी पहल का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। ठाणे जिले में आयोजित रोजगार महाकुंभ में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। अब तक इस पहल के लिए 8,937 उम्मीदवारों और 156 उद्यमियों ने रजिस्टर किया है और बताया गया कि विभिन्न क्षेत्रों में 14,524 रिक्त पद उपलब्ध हैं। इस अवसर पर, एमएलसी एडवोकेट निरंजन डावखरे ने रोजगार महाकुंभ में भाग लेने वाले मानव संसाधन विभाग के प्रतिनिधियों और विभिन्न कंपनियों के उद्यमियों से बातचीत की और उपलब्ध रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने रोजगार की उम्मीद में आए युवाओं से सीधे बातचीत भी की और उनके कौशल, उम्मीदों और रोजगार से जुड़ी समस्याओं के बारे में जाना। एड डावखरे ने कहा, “आज की बदलती रोजगार की दुनिया में, केवल शैक्षणिक योग्यता ही काफी नहीं है, बल्कि उद्योगों की जरूरतों के अनुकूल कौशल, तकनीकी ज्ञान और क्षमताओं को विकसित करना आवश्यक है। सरकार द्वारा आयोजित ऐसे रोजगार महाकुंभ यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं कि युवाओं को उनके कौशल के लिए सही अवसर मिले और उद्योगों को आवश्यक मानव संसाधन मिले।
यह पहल ठाणे जिले के युवाओं को अपने इलाके की अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों से सीधे बातचीत करने, खाली पोस्ट के बारे में जानकारी लेने और अपनी काबिलियत के हिसाब से सिलेक्शन प्रोसेस में हिस्सा लेने के काबिल बनाने के मकसद से शुरू की गई है। युवाओं और इंडस्ट्री के बीच लिंक मजबूत करने के अलावा, यह पहल लोकल लेवल पर नौकरी के मौके बढ़ाने के मामले में भी अहम साबित हो रही है। एड डावखरे ने आगे कहा, युवाओं की एनर्जी, स्किल और क्रिएटिविटी ही एक डेवलप्ड इंडिया की सबसे बड़ी ताकत है। इस ताकत को सही दिशा और मौके देने की ज़रूरत है। नौकरी के मौके देने के साथ-साथ, स्किल डेवलपमेंट के ज़रिए युवाओं को भविष्य की नौकरी की दुनिया के लिए मज़बूत बनाने पर भी ज़ोर दिया जाना चाहिए।
इस मौके पर ठाणे शहर के विधायक संजय केलकर, जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल समेत अलग-अलग डिपार्टमेंट के अधिकारी, हिस्सा लेने वाली कंपनियों के रिप्रेजेंटेटिव, ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर और बड़ी संख्या में युवा मौजूद थे। ‘युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है’ के कॉन्सेप्ट के साथ आयोजित यह रोज़गार महाकुंभ युवाओं के हुनर को रोज़गार के मौकों से जोड़ने की एक अहम पहल है। एड डावखरे ने ठाणे ज़िले के ज़्यादा से ज़्यादा युवाओं से ऐसे मौकों का फ़ायदा उठाने की अपील की है।


