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एक्सपीरियन इंडिया ने एकल स्वामित्व वाली कंपनियों को अपनी वित्तीय स्थिति का आकलन के लिए बिजनेस क्रेडिट रिपोर्ट लॉन्च की

मुंबई [ अमन न्यूज नेटवर्क ] वैश्विक सूचना सेवा के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी कंपनी, एक्सपीरियन ने भारत में बिजनेस क्रेडिट रिपोर्ट लॉन्च किया है, जिससे एकल स्वामित्व वाली कंपनियों के साथ-साथ इनको सेवाएं उपलब्ध कराने वाली फिनटेक कंपनियों को भी फायदा मिलेगा। लॉन्च की गई इस नई सेवा की मदद से एकल स्वामित्व वाली कंपनियों के मालिकों को कुछ सेकंड के भीतर B2B फिनटेक कंपनियों की वेबसाइट पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच की सुविधा प्राप्त होगी। इसके अलावा, यह फिनटेक कंपनियों को निजी तौर पर वित्तीय समाधान प्रदान करने में भी सक्षम बनाता है। बिजनेस क्रेडिट रिपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया बेहद सरल है और इसके लिए कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होती है, और इस तरह अनावश्यक परेशानी दूर होती है और ग्राहकों को शानदार अनुभव प्राप्त होता है।

फिनटेक कंपनियों ने प्रोप्राइटरों को ऋण उपलब्ध कराते हुए उनके वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, फिनटेक कंपनियों को ऋण प्रदान करते समय बेहतर निर्णय लेने में दो प्रमुख बाधाओं का सामना करना पड़ता है – नए ग्राहक हासिल करने की लागत, जिसमें पिछले कुछ सालों के दौरान बढ़ोतरी हुई है, तथा एकल स्वामित्व वाली कंपनियों के प्रोप्राइटरों की क्रेडिट जानकारी का समय पर और बिना किसी परेशानी के विश्लेषण करना। परंतु इस नवीन समाधान की मदद से, एकल स्वामित्व वाली कंपनियों के प्रोप्राइटर अब वास्तविक समय में अपनी बिजनेस क्रेडिट रिपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं, और इस प्रकार फिनटेक भागीदारों को तुरंत और बेहतर ढंग से ऋण उपलब्ध कराने में सक्षम बनाते हैं। इस रिपोर्ट में प्रोप्राइटरों के ऋण से संबंधित जोखिम और भुगतान का विस्तृत रिकॉर्ड मौजूद होता है। इसमें क्रेडिट स्कोर, ट्रेडलाइन, पहले चुकाए गए ऋण का विवरण, खाता वर्गीकरण, क्रेडिट का संक्षिप्त विवरण (अलग-अलग ऋणदाताओं के साथ-साथ वॉलेट का हिस्सा), पहले ऋण के लिए की गई पूछताछ तथा इसी प्रकार के अन्य विवरणों सहित व्यवसाय के बारे में बहुमूल्य जानकारी शामिल है।

इस अभिनव प्रस्ताव पर अपने विचार व्यक्त करते हुए,श्री नीरज धवन, मैनेजिंग डायरेक्टर, एक्सपीरियन इंडिया, ने कहा, “पिछले कुछ सालों में MSME क्षेत्र के बड़े पैमाने पर विकास को प्रोत्साहन देने के लिए कई तरह की नीतियों एवं नियमों का निर्माण किया गया है। भारत में लगभग 6.3 करोड़ MSMEs मौजूद हैं और वर्ष 2019 से 2020 के दौरान इस क्षेत्र में 18.5% की CAGR से वृद्धि हुई है। वित्त-वर्ष 21 में, MSMEs को 9.5 ट्रिलियन रुपये का ऋण प्रदान किया गया, जो वित्त-वर्ष 20 में प्रदान किए गए 6.8 ट्रिलियन रुपये की तुलना में 40% अधिक है। हालांकि, ऋण देने की वर्तमान प्रक्रिया में कई परेशानियां मौजूद हैं – जिसमें कंपनी के मालिकों के लिए जानकारी तक पहुंचने में समस्या के साथ-साथ फिनटेक के लिए इस जानकारी का उपयोग करते हुए व्यक्तिगत समाधान प्रदान करने में समस्या शामिल है। एक्सपीरियन में हम प्रगति और नई खोज को लगातार आगे बढ़ाने के लिए डेटा की शक्ति का उपयोग करते हैं।

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