
प्रतापगढ़ [ उप्र ] ,फार्मर रजिस्ट्री में मिस मैच सिस्टम किसानों के लिए सिरदर्द बन गया है इस मिस मैच का फिलहाल कोई तोड़ नजर नहीं आ रहा है। जिससे भारी संख्या में किसान फार्मर रजिस्ट्री नहीं करवा पा रहे हैं। सीएससी सेंटर पर फार्मर रजिस्ट्री के काग़ज़ किसानों द्वारा डंप कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन और दो ओटीपी आसानी से आ रही है लेकिन तीसरी और फाइनल ओटीपी के लिए सीएससी सेंटर धारकों और किसानों को रातभर जागना पड़ रहा है।
सीएससी सेंटर धारकों की मानें तो रात दो बजे से चार बजे तक पोर्टल ठीक-ठाक चलता है फिर दिनभर वही रोना रहता है। सीएससी सेंटर धारकों का कहना है कि मिस मैच सबसे बड़ी समस्या है। आधार कार्ड और खतौनी में नाम में कुछ अंतर होने पर सिस्टम मिस मैच बता रहा है और फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ है। खतौनी में श्रीमती है और आधार कार्ड में सिर्फ नाम है तो भी मिस मैच की समस्या है। खतौनी में अशफाक है और आधार कार्ड में मौहम्मद अशफाक है फिर भी मिस मैच की समस्या है। बहुत लोगों का आधार कार्ड मुंबई, दिल्ली, गुजरात और पंजाब का बना हुआ है इन सभी के साथ तो मिस मैच की समस्या बनी हुई है, जिससे भारी संख्या में लोगों का फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
लोगों का कहना है कि आधार कार्ड में संशोधन तो हो भी सकता है लेकिन खतौनी के नाम में संशोधन बहुत मुश्किल काम है जिसके लिए तमाम कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। मिस मैच की समस्या से परेशान किसान सीएससी सेंटर पर आने जाने में परेशान हैं जिला प्रशासन जल्दी और ज्यादा से ज्यादा लोगों का फार्मर रजिस्ट्री करवाने के लिए दिन-रात एक कर दिया है। लेकिन मिस मैच की समस्या जब-तक हल नहीं होती है तब-तक फार्मर रजिस्ट्री अभियान को सफलता मिलना मुश्किल है। हो सकता है आने वाले समय में भारी संख्या में किसान को किसान सम्मान निधि से भी वंचित होना पड़े।


