
ठाणे ( युनिस खान ) दिवा शहर में पानी की कमी की समस्या के खिलाफ शिवसेना यूबीटी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पिछले 12 सालों से बंद पड़ी दो पानी की टंकियों को श्रद्धांजलि देकर, दिवा शहर महिला संघ की ज्योति पाटिल के नेतृत्व में शिवसेना महिला मोर्चा और शिवसैनिकों ने पानी की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया। शिवसेना ने चेतावनी भी दी कि अगर पानी की समस्या का जल्द से जल्द समाधान नहीं हुआ तो तीव्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
दिवा शहर के बेतवाड़े में 12 साल पहले बनी दो पानी की टंकियाँ अभी भी बंद हैं। इसके कारण शहर के कई हिस्सों में पानी का असमान वितरण हो रहा है और कई इलाकों में पानी की कमी हो रही है। इसके विरोध में शिवसेना यूबीटी की दिवा शर महिला अध्यक्ष ज्योति पाटिल और महिला आघाड़ी के नेतृत्व में यह अनूठा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।
महिला पदाधिकारियों ने जहाँ जलकुंभ का श्राद्ध करने की पहल की, वहीं कार्यकर्ताओं ने सिर मुंडवाकर और अंतिम संस्कार करके प्रशासन की निष्क्रियता का विरोध किया। इस दौरान ज्योति पाटिल ने प्रशासन पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने पूछा, “अगर इस जलकुंभ से पानी की आपूर्ति नहीं होनी थी, तो इसे क्यों बनाया गया? और इस पर हुए लाखों रुपये के खर्च की वसूली किससे की जाएगी?”
यह विरोध प्रदर्शन शिवसेना नेता और पूर्व सांसद राजन विचारे, जिला प्रमुख दीपेश म्हात्रे, जिला प्रमुख केदार दिघे, सुभाष भोईर और जिला संगठक तात्या माने के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस आंदोलन में दिवा शहर के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। अभिषेक ठाकुर (युवसेना), तेजस पोरजी (उप-नगर प्रमुख), मारुति पडलकर (उप-नगर प्रमुख), प्रियंका सावंत (संयोजक), स्मिता जाधव (उप-नगर संगठन), उज्ज्वला पाटिल (उप-नगर संगठन), और शनिदास पाटिल (नगर संगठक) शामिल थे। इसके अलावा, विभाग प्रमुख, महिला विभाग संगठन, उप-विभाग प्रमुख, शाखा प्रमुख, उप-शाखा प्रमुख आदि महिला और पुरुष पदाधिकारियों ने इस आंदोलन में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।


