
ठाणे ( यूनिस खान ) जय परशुराम सेना फाउंडेशन गत 25 वर्षों से भगवान परशुराम की तप स्थली लौटे परशुराम से जनजागरण कर रहा है। इसके बाद पूरे देश में भगवान परशुराम की जयंती समारोह का आयोजन किया जाने लगा है। व्यापक जनजागरण के लिए फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने आज राष्ट्रीय स्तर पर 1 रुपए के शुल्क से सदस्यता अभियान शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि भगवान विष्णु के छठें अवतार भगवान परशुराम किसी के विरोधी नहीं थे। उनके बारे में गलत धारणा फैलाने के कारण लोग खुलकर उनकी पूजा करने और भक्ति से दूर रहे, लेकिन अब लोगों की धारणा बदल रही है। जय परशुराम सेना फाउंडेशन ( भारत सरकार मान्यता प्राप्त ) अब पूरे देश में सदस्यता अभियान शुरू कर रहा है। फाउडेंशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि हमारी संस्था मात्र 1 रुपए के शुल्क पर सदस्यता बनाने का निर्णय लिया है। हमारा उद्देश्य अधिक से अधिक सदस्य बनकर भगवान परशुराम के बारे में जनजागरण कर उनके बारे में सही जानकारी लोगों तक पहुंचना है।
महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के लोटे परशुराम तीर्थ स्थली से 25 वर्ष पहले विधिवत पूजन कर जनजागरण अभियान की शुरुआत पूर्व सांसद निशिकांत जोशी की विशेष उपस्थिति में की गई। मीरा भईंदर के जैसलमेर मैदान में बड़े स्तर पर भगवान परशुराम जयंती का बड़े पैमाने पर आयोजन किया गया। मुंबई , ठाणे और आस पास के उपनगरों समेत बड़ी संख्या लोगों के आने से जयंती उत्सन ऐतिहासिक बन गया। आज कुछ राज्यों में अक्षय तृतीया के दिन परशुराम जयंती का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जा चुका है। अन्य बड़े राज्यों में सार्वजनिक अवकाश की हम मांग कर रहे। भगवान परशुराम का धार्मिक महत्व और उनके बारे में सही जानकारी पहुंचाने के लिए फाउंडेशन लोगों से जुड़ने का आह्वान कर रहा है।


