
ठाणे ( इमरान खान ) स्टूडेंट्स को ज़रूरी एजुकेशनल मटीरियल आसानी से मिल सके और यह पक्का हो सके कि कोई भी स्टूडेंट पैसे की दिक्कतों की वजह से पढ़ाई से दूर न रहे। इस नेक इरादे से, जिजाऊ एजुकेशनल एंड सोशल इंस्टीट्यूशन, महाराष्ट्र के फाउंडर प्रेसिडेंट नीलेश सांबरे के कॉन्सेप्ट पर पूरे कोंकण में 35 लाख का फ्री नोटबुक बांटने का कैंपेन चलाया जा रहा है। इस कैंपेन के तहत, आज शाहपुर तालुका के पिउली केंद्र के 9 स्कूलों में फ्री नोटबुक बांटने का प्रोग्राम जोश भरे माहौल में खत्म हुआ।
इस पहल के तहत, खोर, पिउली, बांद्रा, कोशिंबडे, रातालेपाड़ा, सवरोली, वेदवाहल और वेहलोंडे के ज़िला परिषद स्कूलों के साथ-साथ किलेमौली सेकेंडरी स्कूल के 1,050 स्टूडेंट्स को कुल 3,100 फ्री नोटबुक बांटी गईं। इस पहल से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स में खुशी का माहौल है, टीचर्स और गांववालों ने जिजाऊ संस्था के सोशल कमिटमेंट की तारीफ़ की है। इस मौके पर जिजाऊ संगठन शहापुर तालुका चीफ और रत्नागिरी संपर्क चीफ दिनेश निमसे, मुंबई मनपा बैंक के डायरेक्टर भानुदास भोईर, कुनबी सेना शहापुर तालुका चीफ जगन निपुर्ते, जिजाऊ संस्था सुदर्शन पाटिल, सुनील निपुर्ते, शिवसेना उपतालुका चीफ अमय भाटी, साथ ही किशोर धासड़े, विनोद निमसे, यशवंत वाख, आशीष कटारे, रूपेश भोईर और जिजाऊ संस्था के पदाधिकारी, एक्टिविस्ट, टीचर्स और गांववाले बड़ी संख्या में मौजूद थे। इस मौके पर गाइडेंस देते हुए दिनेश निमसे ने कहा कि नीलेश सांबरे के नेतृत्व में जिजाऊ संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण के क्षेत्र में लगातार जनहित के काम कर रही है। स्टूडेंट्स के हाथ में नोटबुक देने का मतलब है उनका भविष्य मजबूत करना। शिक्षा ही समाज में बदलाव की असली ताकत है और जिजाऊ संस्था लगातार यह पक्का करने के लिए काम कर रही है कि ग्रामीण इलाकों में हर स्टूडेंट को बराबर मौके मिलें। स्टूडेंट्स को बड़े सपने देखने चाहिए, खूब पढ़ाई करनी चाहिए और ऑफिसर बनकर समाज की सेवा करनी चाहिए।


