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शहर विकास विभाग, गावदेवी मार्केट और कलवा हॉस्पिटल का स्ट्रक्चरल ऑडिट हो – एड विक्रांत चव्हाण 

ठाणे ( यूनिस खान ) ठाणे मनपा के शहर विकास विभाग में हाल ही में लगी आग, गावदेवी मार्केट में हुए भयानक हादसे और कलवा हॉस्पिटल में सिक्योरिटी इंतज़ामों को देखते हुए, शहर में ठाणे शहर की ज़रूरी पब्लिक बिल्डिंग्स का तुरंत स्ट्रक्चरल ऑडिट किया जाना चाहिए। मनपा कार्यालय में केबिन के लिए बंद छतों और फैसिलिटीज़ को तुरंत खाली कराया जाना चाहिए, यह मांग ठाणे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एड विक्रांत चव्हाण ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की है।

       इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष हिंदूराव गालवे, निशिकांत कोली, बाबू यादव, दरम्यान सिंह, उमेश कांबले, स्मिता वैती, प्रभात झा, नीलेश पाटिल, लोकेश घोलप, स्वप्निल कोली, विजय खेडेकर, रवि डोलास, सुरेश भोईर, हरिचंद्र खरात, अंजलि मायेकर, प्रियंका मायेकर मौजूद थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहर विकास विभाग में लगी आग के बारे में बात करते हुए एड चव्हाण ने कहा कि पहले शहर विकास विभाग में तीन टेरेस थे। यहां नागरिक और अधिकारी खड़े होते थे। समय के साथ जगह कम होने लगी तो इस डिपार्टमेंट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। अब वहां हवा आने-जाने का कोई पक्का इंतज़ाम नहीं है। बिल्डिंग में टेरेस ऑफिस की जगह से ढका होने के कारण आग लगने पर धुएं के बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। मैप पास करने वाले डिपार्टमेंट ने ऑफिस गलत तरीके से बनाए हैं। इसलिए इस डिपार्टमेंट का स्ट्रक्चरल ऑडिट होना चाहिए और टेरेस, इक्विपमेंट और दूसरी बंद जगहों को तुरंत खाली कराया जाना चाहिए। विक्रांत चव्हाण ने शहर में इमारतों के नक्शे मंज़ूर करने वाले शहर विकास विभाग की भी आलोचना की है कि वह पहले अपनी ही इमारतों में सुरक्षा की कमियों को ठीक करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शहर विकास विभाग का 40 प्रतिशत हिस्सा बिना इजाज़त के है।

           गावदेवी मार्केट में लगी आग का ज़िक्र करते हुए एड विक्रांत चव्हाण ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। “असल में सब्जी मंडी के तौर पर बसाए गए इस मार्केट में बाद में कपड़ों समेत कई तरह के बिजनेस की इजाज़त दे दी गई। इस वजह से आग और तेज़ी से फैली। यहां खुली छतें भी थीं। उन्हें ठीक किया गया था। लेकिन, उस समय के सहायक आयुक्त और रियल एस्टेट ऑफिसर की मेहरबानी से मार्केट में कुछ बिना इजाज़त दुकानें लगा दी गईं। यहां से हर महीने 10 लाख की किस्त वसूली जा रही है। इसमें स्थानीय नगर सेवक के भी शामिल होने का आरोप लगाया है। छतें खुली नहीं थीं, इसलिए आग का धुआं ज़्यादा मात्रा में जमा हो गया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। अगर छतें खुली होतीं और सुरक्षा के सही इंतज़ाम होते, तो शायद यह जान का नुकसान टाला जा सकता था। विक्रांत चव्हाण ने मांग की है कि इसके लिए उस समय के अधिकारियों को ज़िम्मेदार ठहराया जाए और उनके खिलाफ़ हत्या का केस दर्ज किया जाए।

        उन्होंने छत्रपति शिवजी महाराज अस्पताल कलवा  को लेकर भी चिंता जताई। विक्रांत चव्हाण ने मांग की कि हॉस्पिटल का तुरंत स्ट्रक्चरल ऑडिट किया जाए, एक परमानेंट फायर ब्रिगेड बनाई जाए, और फायर सेफ्टी इक्विपमेंट की जांच करके ज़रूरी इक्विपमेंट उपलब्ध कराए जाएं। फायर ब्रिगेड में 176 वैकेंसी के बारे में भी उन्होंने कहा कि पोस्ट तुरंत भरा जानी चाहिए और सेंसिटिव जगहों पर फायरफाइटिंग सिस्टम को और बेहतर बनाया जाना चाहिए।

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