
ठाणे ( यूनिस खान ) ठाणे शहर जिला कांग्रेस ने ठाणे में इकोलॉजिकली सेंसिटिव क्रीक के किनारों के मैंग्रोज वन और वेटलैंड्स को गैर-कानूनी तरीके से भरने के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष राहुल पिंगले ने गंभीर आरोप लगाया है कि साकेत से आनंदनगर कोस्टल रोड के नाम पर पर्यावरण का खुलेआम कत्ल किया जा रहा है और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।
क्रीक इलाके में मैंग्रोज वन को नेचुरल शील्ड माना जाता है। ये बाढ़ कंट्रोल, बायोडायवर्सिटी की सुरक्षा और इकोलॉजिकल बैलेंस बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि, एक तस्वीर सामने आई है कि इस नेचुरल एसेट को दिनदहाड़े कचरे और गाद से भरा जा रहा है। खास बात यह है कि इस बारे में बार-बार शिकायत और सबूत के बावजूद प्रशासन कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिससे नागरिकों में गहरी नाराजगी है। राहुल पिंगले ने कहा है कि, अगर साकेत, बालकुम, कोलशेत, ढोकाली, वाघबिल में वेटलैंड्स, कासर वडवली और आनंदनगर इलाके तबाह हो गए, तो इसका सीधा असर बाढ़ के हालात पर पड़ेगा। कुदरती पानी की जगहों और पानी निकलने की जगहों के बंद होने से भविष्य में हज़ारों लोगों की जान-माल को खतरा हो सकता है।
कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले में संबंधित भरनी माफिया, ठेकेदारों और ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ़ क्रिमिनल केस दर्ज किए जाएं। साथ ही, तबाह हुए मैंग्रोज के जंगलों और वेटलैंड इलाकों को तुरंत फिर से ठीक करने की भी मांग की है। ठाणे के लोग पर्यावरण के नुकसान पर विकास का रंग चढ़ाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ज़ोरदार विरोध करेगी और ज़रूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटाएगी। कांग्रेस ने कहा है कि अगर पर्यावरण बचाने के लिए ज़िम्मेदार संस्थाएं चुप रहीं, तो भविष्य में होने वाली बाढ़ के हालात और पर्यावरण को होने वाले नुकसान की पूरी ज़िम्मेदारी प्रशासन की होगी।


