
ठाणे ( यूनिस खान ) उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मीटिंग के बाद कथित तौर पर गंगाजल छिड़ककर मीटिंग की जगह को शुद्ध करने की घटना को लेकर राजनीति गरमाई है। इसके विरोध में ठाणे शहर जिला कांग्रेस ने शुक्रवार को सत्याग्रह कर भाजपा की जमकर आलोचना किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस घटना से जातिवादी सोच सामने आई है।
ठाणे शहर जिला कांग्रेस ऑफिस के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन में, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विरोध के पोस्टर लिए भाजपा के खिलाफ ज़ोरदार नारे लगाए। मनुवादी सोच धिक्कार है… ‘प्रोग्रेसिव महाराष्ट्र में जातिवाद नहीं चलेगा…’ ऐसे नारों से भाजपा का विरोध किया। छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा फुले और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के बराबरी के विचारों के विपरीत जातिगत भेदभाव को महाराष्ट्र कभी स्वीकार नहीं करेगा। एक पब्लिक प्लेटफॉर्म का कथित शुद्धिकरण संविधान में बराबरी के मूल्यों का अपमान है। ठाणे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल पिंगले ने चेतावनी दी कि कांग्रेस ऐसी सोच के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
कांग्रेस ने इस मौके पर भाजपा की भी कड़ी आलोचना की। एक तरफ ‘सबका साथ, सबका विकास’ और हिंदू एकता की भाषा बोली जा रही है, वहीं दूसरी तरफ एक दलित नेता की मौजूदगी के बाद मीटिंग की जगह का कथित शुद्धिकरण किया जा रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह एक विसंगति है। भगवान श्री राम ने शबरी की बेर स्वीकार करके बराबरी का जो संदेश दिया था, उसे देखते हुए कांग्रेस ने कहा कि धर्म के नाम पर भेदभाव करना शाश्वत मूल्यों की अवहेलना है।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि 21वीं सदी में भी अगर जातिवाद और छुआछूत की मानसिकता को बढ़ावा देने के तरीके हैं, तो इसके खिलाफ आवाज उठाना सभी की जिम्मेदारी है। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिक शामिल थे।


