
ठाणे ( युनिस खान ) मानपाड़ा, आजादनगर और मनोरमा नगर में प्रस्तावित क्लस्टर विकास को स्थानीय लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने एनसीपी-शरद चंद्र पवार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ जितेंद्र आव्हाड से मुलाकात की। उनके नेतृत्व में उन्होंने क्लस्टर योजना के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है और अपने घरों पर लगे रजिस्ट्रेशन नंबरों को सफेद रंग से मिटाना शुरू कर दिया है। इस बीच, डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने सवाल उठाया है कि लोगों के विरोध के बावजूद जनमत का सम्मान क्यों नहीं हो रहा है।
ठाणे मनपा ने मानपाड़ा, मनोरमा नगर, आजादनगर और अन्य क्षेत्रों में क्लस्टर विकास योजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय नागरिकों के विरोध के बावजूद यह योजना क्रियान्वित की जा रही है। डॉ. जितेन्द्र अव्हाड ने मानपाड़ा का दौरा किया क्योंकि प्रशासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराने के बावजूद उन पर क्लस्टर के लिए दबाव डाला जा रहा था। इस कार्यक्रम में हजारों निवासी शामिल हुए। स्थानीय लोगों ने डॉ. आव्हाड से अनुरोध किया कि हमारे घरों को बचाने में हमारी मदद करें।इस पर डॉ. आव्हाड ने कहा कि वे गरीबों के संघर्ष में हमेशा अग्रणी रहेंगे।
डॉ.आव्हाड ने कहा कि ठाणे मनपा का काम लोगों को नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। हालाँकि, अधिकारियों की रुचि बिल्डरों की संपत्ति बढ़ाने में अधिक है। ऐसा लगता है कि मानवता पैसे के आगे खो गई है। आपने मतदान करते समय इसके बारे में नहीं सोचा। जिन लोगों ने आपको वोट दिया था, वे अब न केवल आपके सिर से छत हटा रहे हैं, बल्कि आपके मांल पर भी पैर रख रहे हैं। हमारे पास न सड़कें हैं, न पानी। मैं इस पर सवाल नहीं उठाता लेकिन, मैं अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण स्वीकार नहीं करूंगा। मैं बारिश में भी तुम्हारे लिए लड़ने को तैयार हूं लेकिन, आपको लड़ना भी नहीं पड़ेगा! अगर हर घर से एक भी व्यक्ति सड़क पर उतरा तो किसी में उसे बेदखल करने का साहस नहीं होगा।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि वह गरीब लोगों के गुस्से की परीक्षा न ले। यह जबरदस्ती अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बायोमेट्रिक सर्वेक्षण तुरंत बंद करें। इस अवसर पर राकांपा-शरद चंद्र पवार के जिला अध्यक्ष सुहास देसाई, रचना वैद्य, एकनाथ जाधव और अन्य उपस्थित थे। निवासियों को संबोधित करते हुए डॉ.आव्हाड ने उनसे अपने घरों पर लगे नंबर मिटाने की अपील की। इस बार डॉ. आव्हाड ने पहल की और घरों पर लिखे नंबरों को सफेद रंग से मिटा दिया। इसके बाद से कई निवासियों ने अपने घरों से ये नंबर मिटा दिए हैं।


