
नवी मुंबई ( हिना खान ) मानसून का मौसम मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियाँ फैलाने वाले मच्छरों के लिए प्रजनन का समय होता है और ये मच्छर मुख्य रूप से घरों के अंदर और आसपास रुके हुए पानी में पनपते हैं। इस संबंध में, नागरिकों को जानकारी देने और इन जगहों को नष्ट करने के लिए नवी मुंबई महानगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में एक विशेष निवारक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
मनपा आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे के मार्गदर्शन में अप्रैल से लगातार 26 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के क्षेत्र में ये शिविर चलाए जा रहे हैं और 182 शिविरों का लाभ 67,429 नागरिकों ने उठाया है। इन शिविरों में परीक्षण के लिए 4607 रक्त के नमूने लिए गए हैं। आज 19 जून को 26 प्राथमिक शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए गए हैं और 11074 नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराया है। साथ ही, 662 नागरिकों के रक्त के नमूने लिए गए हैं। इसी तरह, मनपा और निजी स्कूलों और कॉलेजों के साथ-साथ सरकारी, अर्ध-सरकारी कार्यालयों में मच्छरों की रोकथाम के लिए निवारक पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है और अब तक 214 स्कूलों में 8579 कक्षाओं में छिड़काव किया जा चुका है। साथ ही, 89 सरकारी, अर्ध-सरकारी कार्यालयों में 2930 कमरों में पाउडर का छिड़काव किया गया है। 1 जनवरी 2025 से 19 जून 2025 तक 71810 रक्त के नमूने लिए गए हैं और उनमें डेंगू बुखार के 11 संक्रमित मरीज पाए गए हैं। 132 संदिग्ध डेंगू रोगियों में से, 40 लोगों के रक्त के नमूने एनआईवी पुणे सिविल अस्पताल भेजे गए हैं और नवी मुंबई मनपा क्षेत्र में एक भी संक्रमित डेंगू रोगी नहीं है।
घर के अंदर और बाहर पौधों के गमलों की निचली प्लेटों में पानी, घर में फेंगशुई या सजावटी पेड़ों में जमा पानी, गैलरी, छत और घर के परिसर में जमा स्क्रैप सामग्री, खाली बोतलें, डिब्बे, पेंट के डिब्बे और साथ ही खुले टायर, छत पर प्लास्टिक पेपर/तिरपाल में पानी, निर्माण स्थल पर जमा पानी, बिना ढक्कन वाले ड्रम और पानी की टंकियां, आदि ऐसी जगहें हैं जहां मच्छर पनपते हैं। नागरिकों को ध्यान रखना चाहिए कि इन जगहों पर पानी जमा न हो।


