
ठाणे ( युनिस खान ) गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज मुहैया कराने के लिए आयुष्मान भारत योजना लागू की गई है। हालांकि, इस योजना के तहत केवल कुछ खास बीमारियों का ही इलाज किया जा रहा है। नतीजतन, गरीब मरीजों को अन्य इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसीलिए सामाजिक कार्यकर्ता संगम डोंगरे ने मुख्यमंत्री को भेजे निवेदन में मांग की है कि आयुष्मान भारत योजना पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए और इस योजना को सभी बीमारियों के लिए लागू किया जाना चाहिए।
डोंगरे द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजे गए बयान के अनुसार, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और ज्योतिबा फुले आरोग्य योजना में मरीजों को कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता है। निजी अस्पताल में जाने के बाद इस योजना के तहत संबंधित बीमारियों का इलाज नहीं किया जाएगा, कहा जाता है कि केवल एक निश्चित बीमारी का ही इलाज किया जाएगा। इसलिए आम जनता को होने वाली बीमारियाँ जैसे बुखार, सर्दी, डेंगू, खांसी, निमोनिया, मलेरिया, टाइफाइड, पीलिया, एमनियोसेंटेसिस, सिजेरियन सेक्शन, डायरिया, साथ ही हर्निया, हाइड्रोसील, अपेंडिक्स आदि का इलाज निजी अस्पतालों में नहीं हो पाता। अक्सर गरीब मरीजों को इन बीमारियों के इलाज की जरूरत पड़ती है। दिल की बीमारी जैसी बड़ी सर्जरी के लिए ही कुछ लोगों को इलाज की जरूरत पड़ती है। हालांकि दिल से जुड़े बड़े इलाज उपलब्ध हैं, लेकिन आयुष्मान भारत के तहत बाद के इलाज की योजना नहीं बनाई गई है।
ठाणे में एक बुजुर्ग महिला की आयुष्मान भारत योजना से दिल की बीमारी के इलाज के लिए जरूरी पचास हजार रुपये का खून पतला करने वाला इंजेक्शन न मिलने से मौत हो गई। ऐसी कई घटनाएं हर दिन होती रहती हैं। कुल मिलाकर स्थिति यह है कि आयुष्मान कार्ड सिर्फ नाम का कार्ड है और इसका आम जनता द्वारा इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इसलिए किसी भी तरह की बीमारी का इलाज सभी स्वास्थ्य योजनाओं के जरिए किया जाना चाहिए। ताकि आम जनता को अच्छा इलाज मिल सके। इसीलिए संगम डोंगरे ने मांग की है कि आयुष्मान भारत, ज्योतिबा फुले स्वास्थ्य योजना और प्रधानमंत्री योजना का दायरा बढ़ाया जाए और सभी बीमारियों का मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाए।


