
ठाणे ( युनिस खान ) करोड़ों रुपये खर्चकर स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर का सुशोभीकरण किया गया है। मसुंदा तालाब के किनारे लापरवाही, घटिया निर्माण काम और मनपा प्रशासन की लापरवाही साफ़ दिखाई दे रही है। ठाणे कांग्रेस का आरोप है कि यहाँ लगी रेलिंग, कांच के रास्ते और एलईडी लाइट सिस्टम जर्जर हालत में होने के कारण दुर्घटना की आशंका बन गई है।
ठाणे शहर का केंद्रबिंदु मसुंदा तालाब का कुछ साल पहले स्मार्ट सिटी के तहत सौंदर्यीकरण किया गया था। स्टील की रेलिंग, एलईडी लाइटिंग, कांच के रास्ते और ‘हाई-फाई’ जैसी बैठक सुविधाएं खूब पसंद की गईं। लेकिन अब ये सारी सुविधाएं धूल में मिल गई हैं। टूटी रेलिंग, टूटे कांच, उखड़े फुटपाथ, टूटी बेंच – ये सभी दृश्य आज नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं। नागरिकों की बढ़ती शिकायतों के बाद, ठाणे कांग्रेस प्रवक्ता राहुल पिंगले के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया।
कांग्रेस ने टूटे हुए शीशे के पास सुरक्षा पट्टियाँ लगाकर प्रशासन को चेतावनी दी। पिंगले ने तुरंत मनपा के इंजीनियरों से संपर्क किया और घटनास्थल पर तुरंत मरम्मत की मांग की। कांग्रेस ने स्मार्ट सिटी के नाम पर हुए सभी कार्यों की जाँच की भी माँग की है। इस निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधि मंडल में सेवादल अध्यक्ष रवींद्र कोली, शहर उपाध्यक्ष बाबू यादव, ब्लॉक अध्यक्ष नीलेश पाटिल, ब्लॉक कार्यकारी अध्यक्ष नूरशीद शेख, युवा कांग्रेस के लोकेश घोलप, अमोल गंगुर्दे, विलास महादेश्वर और कई अन्य पदाधिकारी शामिल थे।


