
ठाणे ( युनिस खान ) निषाद, मल्लाह , केवट, साहनी जैसी समाज की उपजातियों के सामाजिक संस्था गंगासागर पुत्र एसोसिएशन की ओर से पूर्व सांसद स्वर्गीय फूलन देवी का शहादत दिवस मनाया गया। इस अवसर अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ उनके साहस को याद किया गया। उनके जीवनीं के बारे में बताया उनके साथ जो अत्याचार हुआ हर मोड़ पर उन्हें कठिनाई का सामना करना पाड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं माना और अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष रामप्रकाश निषाद ने कहा कि फूलन देवी को जब कही से न्याय नहीं मिला और सब जगह अपमानित होना पड़ा, तब वह तो वह चंबल में जाकर डाकू बनीं। कुछ दिनों बाद अपने साथियों के साथ बेहमई गांव में जाकर अपने साथ अत्याचार करने वाले एक एक कर 22 लोग कों मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने यह साबित कर दिया नारी अबला नहीं होती , जब अत्याचार बढ़ जाता जब नारी सबला बनकर अन्याय के खिलाफ लड़ सकती है।
स्वर्गीय फूलन देवी ने1983 में आत्मस्पर्ण किया जब मध्य प्रदेश में अर्जुन सिंह की सरकार थी। 1994 उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार आने पर उन्होंने रिहा करा दिया। अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने और एक पिछड़े गरीब परिवार की महिला फूलन देवी को अपनी पार्टी का टिकट दिया। वह मिर्जापुर सें 1996 में चुनाव जीतकर सांसद बनी। लेकिन सामंतवादियों को उनका सांसद बने रहना नागवार गुज़रा और 25 जुलाई 2001 कों अशोक रोड दिल्ली में उनके आवास पर ही गोलियों मार दिया गया।
समाज की आयरन लेडी फूलन देवी के शहादत दिवस पर कोषाध्यक्ष राम आधार साहनी , उपाध्यक्ष दीपचंद मल्लाह, महासचिव राम सागर निषाद, संचालक सचिन साहनी, द्वारका साहनी, प्रहलाद मल्लाह, चंद्रभूषण मल्लाह, ख़ज़ानची मल्लाह, दयाराम निषाद, रामनयन साहनी, दिनेश कुमार सहनी, निषाद पार्टी के सलाहकार डॉ.रहीम ख़ान एडवकेट देवीलाल बिंद, पन्नेलाल साहनी, गंगासागर पुत्र असोसिएशन के प्रवक्ता मुकेश पारस नाविक, रामराज बिंद, कपूर निषाद, मुन्ना ख़ान, श्याम सुंदर साहनी, ऋषिकेष साहनी, नन्हे हाश्मी आदि लोगों ने उपस्थित रहकर फूलन देवी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण पर श्रद्धांजलि दी।


