
ठाणे ( यूनिस खान ) देश में सड़क हादसों में मरने वाले पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों की संख्या चिंताजनक है। भारत में 2023 में सड़क हादसों में 35,203 पैदल चलने वालों और 77,539 दोपहिया वाहन चालकों की मौत हुई। यानी, हर दिन औसतन 96 पैदल चलने वाले और 212 दोपहिया वाहन चालक अपनी जान गंवाते हैं। वर्ष 2023 के डेटा से साफ पता चलता है। यह बात राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा है। महाराष्ट्र में भी स्थिति गंभीर है, जहां 2023 में हादसों में 3,110 पैदल चलने वालों और करीब 7,782 दोपहिया वाहन चालकों की मौत हुई। राज्य में हर दिन सड़क हादसों में औसतन 8 से 9 पैदल चलने वालों और 21 दोपहिया वाहन चालकों की मौत होती है। राज्य में सड़क हादसों में होने वाली कुल मौतों में करीब 20 परसेंट पैदल चलने वालों की होती हैं, जबकि लगभग आधी मौतें दोपहिया वाहन चालकों की होती हैं। इसलिए, कुल एक्सीडेंटल मौतों में से लगभग 70 प्रतिशत पैदल चलने वालों और टू-व्हीलर चलाने वालों की होती हैं। ठाणे और मुंबई मेट्रोपॉलिटन इलाकों में गाड़ियों की संख्या और ट्रैफिक जाम तेज़ी से बढ़ रहा है, इसलिए सिर्फ़ ट्रैफिक मैनेजमेंट काफ़ी नहीं है। मंत्री सरनाइक ने यह भी साफ़ किया कि अच्छी सड़कों, कुशल ट्रैफिक सिस्टम और अनुशासित ड्राइवरों के तालमेल से ही सुरक्षित ट्रैफिक सिस्टम बनाया जा सकता है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सुझाव के अनुसार, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के ज़रिए ट्रैफिक नियमों को बढ़ावा देने और फैलाने के लिए ठाणे और मीरा-भायंदर में एक ट्रैफिक गार्डन बनाया गया है, और राज्य के सभी ट्रांसपोर्ट ऑफिस के पास ‘धर्मवीर आनंद दिघे ट्रैफिक गार्डन’ बनाया जाएगा। यह बात मंत्री सरनाइक ने कहा है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि ‘ट्रैफिक स्कूल ऑन व्हील्स’ सिर्फ़ एक चलता-फिरता स्कूल न रहे, बल्कि एक असरदार जन आंदोलन बने जो महाराष्ट्र के हर शहर और गांव तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाए।


