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कोरोना जांच के लिए कुछ चिकित्सक दे रहे हैं सीटी स्कैन कराने की सलाह

 भिवंडी [ एम हुसैन ] कोरोना महामारी संकट काल में जांच के लिए कुछ चिकित्सकों द्वारा कोरोना के संदेहास्पद मरीजों को एंटीजेन एवं आरटीपीसीआर कराने के बजाय उन्हें सीटी स्कैन कराने की सलाह दी जा रही है। भिवंडी के नोडल आफीसर डॉ. नितिन मोकाशी ने नाराजगी जताते हुए सीटी स्कैन कराने के लिए मरीजों के अंदर एक भ्रम पैदा करके पैसा कमाने का धंधा करने का आरोप लगाया है। जिसके लिए उन्होंने सीटी स्कैन के नाम पर किए जा रहे दुरूपयोग को टालने का अनुरोध किया है ।  
 भिवंडी के नोडल ऑफीसर जनरल, लॅप्रोस्कोपी एवं कैंसर सर्जन डॉ. नितिन मोकाशी बताते हैं कि उनके पास बहुत सारे लोग फोन करके यह पूछते हैं कि डॉक्टर सीटी स्कैन की रिपोर्ट भेज रहा हूं, उसे देखकर बताएं कि उन्हें कोरोना है क्या। लेकिन सीटी स्कैन की रिपोर्ट देखने के पहले ही डॉ. मोकाशी उनसे पूछते हैं कि कोरोना की जांच के लिए स्वैब टेस्ट कराया है कि नहीं, वह कहते हैं कि सीटी स्कैन नहीं देखूंगा। सबसे पहले अपना स्वैब टेस्ट कराएं । उन्होंने बताया कि कोरोना के दौरान नागरिकों में अनेकों भ्रम एवं अफवाह फैलाया गया है, जिसमें से एक सीटी स्कैन की जांच भी शामिल है। यह नागरिकों का पैसा बर्बाद करना और सीटी स्कैन का दुरूपयोग है ।  
   इसी प्रकार डॉ नितिन मोखाशी ने मरीजों की जानकारी के लिए बताया कि चिकित्सा क्षेत्र में दो प्रकार की जांच होती है,जिसमें पहली जांच डायग्नोस्टिक यानी उपचार करने के लिए और दूसरा प्रोग्नोस्टिक यानी बीमारी है तो वह कितना बढ़ रहा है और कम हो रहा है तो उसे देखना। जिसमें सीटी स्कैन जांच दूसरे प्रकार की जांच में आता हैले किन अनेक लोगों द्वारा मरीजों में कोरोना का लक्षण दिखाई देने पर सीटी स्कैन कराने की सलाह दी जा रही है। इसके बारे में उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में कोरोना की जांच करने के लिए प्रयोगशालाएं काफी कम थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। कई जगहों पर सरकार एवं मनपा की ओर से निःशुल्क एंटीजेन टेस्ट एवं आरटीपीसीआर किया जा रहा है, यह सबसे महत्वपूर्ण है और उपचार करने वाली जांच है। यदि इस जांच से पहले कोई सीटी स्कैन कराने की सलाह देता है तो गलत है ।
  डॉ.नितिन  मोकाशी ने नागरिकों से कहा है कि कोरोना की जांच के लिए यदि कोई सीटी स्कैन कराने के लिए कहता है तो उससे सवाल कीजिए, क्योंकि तुम्हारा डॉक्टर तुम्हें गलत जांच के लिए सलाह दे रहा है। कोरोना के लिए पहली जांच गले का स्वैब जांच है। उन्होंने बताया कि उनके अस्पताल में 10 हजार से भी अधिक मरीजों का  उपचार  किया गया है,लेकिन 3 हजार से 6 हजार रुपए खर्च करने के लिए किसी को भी सीटी स्कैन कराने की सलाह नहीं दी गई है। ज्यादा से ज्यादा मरीजों को सीने का एक्सरे कराने की सलाह दिया गया है, जिसमें उनका 200 से 500 रुपए खर्च होता है।इसी प्रकार डॉ.नितिन मोकाशी ने नागरिकों से सीटी स्कैन के नाम पर किए जा रहे दुरूपयोग को टालने का अनुरोध किया है ।        

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