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महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 10 जिलों में ‘बचत समूह मॉल’ – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबई ( युनिस खान ) महिला सशक्तिकरण किसी भी राष्ट्र के विकास की रीढ़ होता है। जब समाज की महिलाएं मुख्यधारा में आती हैं, तभी उस राष्ट्र का विकास तेज़ी से आगे बढ़ता है। महिलाओं को अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने से देश की अर्थव्यवस्था और मज़बूत होती है। महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी के बिना राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। यह कहते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जानकारी दी कि बचत समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 10 जिलों में ‘बचत समूह मॉल’ बनाए जाएंगे।

मुलुंड स्थित महाकवि कालिदास नाट्यगृह में आयोजित रक्षाबंधन उत्सव में मुख्यमंत्री ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, विधायक मिहिर कोटेचा के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। हिंदू परंपरा में रक्षाबंधन त्योहार के महत्व को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल राखी का धागा नहीं है, बल्कि प्रेम का बंधन है। इसमें बहन का भाई के प्रति प्रेम व्यक्त होता है और भाई बहन की रक्षा की शपथ लेता है। लेकिन अब समय आ गया है कि भाई यह संकल्प लें कि वे अपनी बहन को इतनी सक्षम बनाएंगे कि वह न केवल अपनी, बल्कि अपने परिवार की भी रक्षा कर सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकारें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रयास कर रही हैं।

महिला सशक्तिकरण पर जोर

            महिला सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी कई योजनाएं शुरू की हैं। मुद्रा योजना के लाभार्थियों में 60 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिससे लाखों महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने में मदद मिली है। लखपति दीदी योजना के अंतर्गत महाराष्ट्र में पिछले वर्ष 25 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य पूरा किया गया। इस वर्ष भी 25 लाख महिलाओं को और राज्य में कुल 1 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं द्वारा लिए गए ऋण की अदायगी 100 प्रतिशत होती है।

लाडकी बहन योजना अगले पांच वर्षों तक जारी रहेगी

            महाराष्ट्र में लाडकी बहन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रति माह ₹1,500 दिए जाते हैं। महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए यह योजना अगले पांच वर्षों तक निरंतर जारी रहेगी।

शिक्षा से महिलाओं का विकास

            राज्य सरकार ने लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा पूरी तरह नि:शुल्क कर दी है। आज लड़कियां केजी से पीजी तक नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकती हैं। इसके कारण लड़कियां शिक्षा में बड़ी प्रगति कर रही हैं, जिसका उत्तम उदाहरण विश्वविद्यालयों में ‘गोल्ड मेडल’ पाने वाली लड़कियों की बढ़ती संख्या है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अब महिलाओं की प्रगति को कोई नहीं रोक सकता। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और आश्वासन दिया कि उनके सामाजिक और आर्थिक संरक्षण के लिए सरकार सदैव उनके साथ खड़ी रहेगी।

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