
चुनाव आयोग ने देश के लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया – डॉ. जितेंद्र आव्हाड
ठाणे ( युनिस खान ) राष्ट्रवादी कांग्रेस-शरदचंद्र पवार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने ठाणे में चुनाव आयोग के प्रतीक चिन्ह का होली उत्सव मनाया। चुनाव आयोग ने देश के लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है। डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा नियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पहले पार्टी के चोरों को अपने संरक्षण में लिया ,फिर वोट चुराए।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने साबित कर दिया कि सत्तारूढ़ दल ने लोकसभा चुनाव में चुनाव आयोग की मदद से वोट चुराए थे। इसके अलावा, राहुल गांधी ने आज नई दिल्ली में शरद पवार, मल्लिकार्जुन खड़गे और सभी विपक्षी दलों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। इन सभी प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसी के तहत आज ठाणे में यह विरोध प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रवादी कांग्रेस -शरदचंद्र पवार पार्टी के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने “चुनाव आयोग चोर है; वोट चोर… गद्दी छोड़ो; पहले गोरों से लड़े… अब चोरों से लड़ेंगे, मुर्दाबाद, चुनाव आयोग मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। उन्होंने चुनाव आयोग का प्रतीक चिन्ह भी जलाया।
इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने चुनाव आयोग पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “हम संविधान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे हैं। 85 वर्षीय शरद पवार और मल्लिकार्जुन खड़गे आज सड़कों पर उतरे हैं। उनकी लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा के लिए है। चुनाव आयोग ने दिखाया है कि एक ही घर में विभिन्न जातियों और धर्मों के 80 लोग रहते हैं। एक व्यक्ति को 43 बच्चों का पिता दिखाया गया है। क्या यह संभव है? सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करते समय मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री और विपक्षी दल के नेता की एक समिति होनी चाहिए। हालाँकि, सत्तारूढ़ दल ने मुख्य न्यायाधीश को हटा दिया। इसीलिए राजीव कुमार आयुक्त बने और उन्होंने महाराष्ट्र में सरकार बदल दी और पार्टी चोरों को अपने अधीन कर लिया।” लोकसभा चुनाव में लाखों फर्जी मतदाता दिखाकर मतदान के अंतिम घंटे में 15% तक वोट बढ़ा दिए गए। इतना प्रतिशत बढ़ाकर वोट चोरी की गई है।
इस अवसर पर शहर अध्यक्ष सुहास देसाई, कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश पाटिल, महिला अध्यक्ष सुजाताताई घाग, महिला कार्यकारी अध्यक्ष साबिया मेमन, फोटो सिंह, फोटो सिंह, गजानन चौधरी, राजू शिंदे, राजेश साटम, राजेश कदम, रचना वैद्य, माधुरी सोनार, कैलास सुरकर, पद्माकर पाटिल, सीमाताई, मनीषा करलाड, अभिजीत पवार, मिलिंद बनकर, ज्ञानेश्वर राजपंखे, राजू पाटिल, कुलविंदर सिंह सोखी, सुरेंद्र यादव, वैभव खोत, अनिल राजभर, दिलीप लोखंडे, दिगंबर गरुड़, डॉ. सुभाष यादव, संतोष साटम, सुनील कुरहाड़े, सुनील सोनार, वसीम खान, अविनाश खंडारे, विक्रांत घाग, मलिका पिल्ले, मेहरबानो पटेल, इकबाल शेख, जतिन कोठारे, एकनाथ जाधव, संदीप यादव, रिंकू सिंह, राजू चपले, विजयलक्ष्मी दामले, प्रमोद येरुंकर, शिवा कालू सिंह, विजय पवार, विक्रम सिंह, संजीव दत्ता, संदीप ढकोलिया, दत्तात्रेय जाधव, प्रभाकर सावंत, सुजाता गवली, सीमा कदम, कल्पना नार्वेकर, राजेश मिश्रा, प्रदीप सातम, किरण पवार, समाधान माने, दीपक क्षत्रिय, ज्योति निंबार्गी, दिलीप उपाडे, समीर नेटके, अनिकेत करमाले, मकसूद खान आदि उपस्थित थे।


