
नवी मुंबई ( युनिस खान ) मनपा आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे के मार्गदर्शन में मनपा बच्चों के मन में छोटी उम्र से ही स्वच्छता की संस्कृति डालने का प्रयास कर रहा है। ऐसी ही एक अभिनव पहल ‘सूखा कचरा बैंक’ के तहत छात्रों को घर पर सूखा कचरा अलग रखने की आदत डालने और उन्हें स्वयं अपने कार्यों से कचरा बिलगीकरण के महत्व को समझाने तथा अपने अभिभावकों तक पहुँचाने का प्रयास किया रहा है। इस पहल के तहत, छात्र सप्ताह में एक बार स्कूल में प्लास्टिक की बोतलें, चिप्स या चॉकलेट के कवर, टेट्रा पैक या टिन, कांच की बोतलें, घरेलू प्लास्टिक इकट्ठा करते हैं और इसके लिए उन्हें अंक दिए जाते हैं। छात्रों को उनके द्वारा एकत्र की गई वस्तुओं की मात्रा के अनुसार अंक दिए जाते हैं और उन अंकों को दर्ज करने के लिए छात्रों को एक ‘सूखा कचरा पासबुक’ दी जाती है। इस पासबुक में, कक्षा शिक्षकों द्वारा उनके द्वारा एकत्र किए गए सूखे कचरे की मात्रा के अनुसार दिए गए अंक दर्ज किए जाते हैं।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मनपा मुख्यालय में संत ज्ञानेश्वर महाराज की 750वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम ‘भक्तिरंग’ में मनपा आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे ने सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले तीन विद्यार्थियों को सम्मानित किया। ‘जीरो प्लास्टिक स्टार्ट्स विद मी’ – बच्चों में विश्वास जगाने, उन्हें इस दिशा में सीधे कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करने और इसके लिए उनकी प्रशंसा करने वाली यह पहल विद्यार्थियों में स्वच्छता और प्लास्टिक से बचाव का भाव जगाती है। इसमें स्कूल क्रमांक 10 नेरुलगांव के छात्र यश साठे को सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दूसरा पुरस्कार स्कूल क्रमांक 107 तुर्भेगांव के छात्र अर्जुन ढोंडी ने जीता और तीसरा पुरस्कार स्कूल क्रमांक 117 दिवालेगांव के छात्र आर्य सिंह ने जीता। विद्यार्थियों को पुरस्कार स्वरूप चित्रकला सामग्री प्रदान की गई।


