
ठाणे ( यूनिस खान ) समग्र शिक्षा अभियान में 22 साल से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे 3,276 कर्मचारियों को आख़िरकार न्याय मिला है। राज्य सरकार ने एक बार के विशेष उपाय के तौर पर बराबर पे स्केल में बड़ी संख्या में पद बनाने और उन पर योग्य कर्मचारियों को नियुक्त करने का ऐतिहासिक सरकारी फ़ैसला सुनाया है। इस फ़ैसले से हज़ारों कर्मचारियों की सर्विस परमानेंस का मुद्दा काफ़ी हद तक हल हो गया है।
कोंकण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी और भाजपा के राज्य महासचिव एडवोकेट निरंजन डावखरे पिछले डेढ़ साल से लगातार इस फ़ैसले के लिए कोशिश कर रहे थे। विधान परिषद के हर सेशन में उन्होंने यह मुद्दा उठाया था और सर्विस खत्म करने के प्रस्ताव, सैलरी में अंतर और सर्विस परमानेंस की कमी की ओर सरकार का ध्यान दिलाया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान दिया गया। उसके बाद एक कमिटी बनाई गई और अलग-अलग राज्यों की पॉलिसी की स्टडी की गई। कमिटी की सिफारिशों और कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद सरकार ने आखिरकार इस फैसले का ऐलान किया।
ज़्यादातर पोस्ट उन 3,276 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के लिए बनाई जाएंगी, जिन्होंने 30 जून, 2026 तक दस साल या उससे ज़्यादा की सर्विस पूरी कर ली है। पे स्केल उनके मौजूदा पोस्ट को उनके बराबर रेगुलर पोस्ट के साथ अलाइन करके तय किया जाएगा। मौजूदा पे को सुरक्षित रखा जाएगा और इसके साथ ही महंगाई भत्ता और ट्रैवल अलाउंस भी दिया जाएगा। अभी जो छुट्टी की सुविधा मिल रही है, वह भी जारी रहेगी। हालांकि, ये पोस्ट एक बार के स्पेशल मामले के तौर पर बनाई जाएंगी और इन पर कोई नई भर्ती नहीं की जाएगी। ये पोस्ट तभी तक रहेंगी जब तक संबंधित कर्मचारी सर्विस में है। सरकार ने साफ किया है कि इन कर्मचारियों को प्रमोशन, पेंशन, फैमिली पेंशन या अनुकंपा नियुक्ति का फायदा नहीं मिलेगा।
इस फैसले का स्वागत करते हुए एमएलसी एडवोकेट. निरंजन डावखरे ने कहा, “22 साल से ईमानदारी से काम कर रहे कर्मचारियों को न्याय मिलना सामाजिक न्याय की जीत है। यह ऐतिहासिक फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संवेदनशील लीडरशिप की वजह से मुमकिन हुआ। मैं भविष्य में भी शिक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों की जायज़ मांगों को पूरा करता रहूंगा। इस फैसले से राज्य के हज़ारों कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के परिवारों को बड़ी राहत मिली है, और कर्मचारियों को लग रहा है कि सरकार ने आखिरकार उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को हरी झंडी दे दी है।


