
ठाणे ( यूनिस खान ) रईस हाईस्कूल एंड जूनियर कॉलेज,भिवंडी में विद्यार्थियों की भाषाई दक्षता, शब्द-भंडार और स्व-अध्ययन की क्षमता को विकसित करने के उद्देश्य से कक्षा छठी के विद्यार्थियों के लिए शब्दकोश देखने और शब्दों के अर्थ खोजने की एक अनूठी एवं उपयोगी शैक्षणिक गतिविधि का आयोजन स्कूल की लाइब्रेरी में किया गया। यह गतिविधि कक्षा छठी की उर्दू भाषा पाठ्यपुस्तक “बाल भारती” के पाठ “आइए शब्दकोश देखें” पर आधारित थी, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साह और रुचि के साथ भाग लिया। उर्दू विषय के शिक्षक फैज़ फक़ीह ने विद्यार्थियों को शब्दकोश के सही एवं प्रभावी उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी। विद्यार्थियों ने वर्णमाला के क्रम को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शब्दों को शब्दकोश में खोजा, उनके अर्थ एवं सही उच्चारण की जानकारी प्राप्त की तथा प्राप्त जानकारी का उपयोग अपनी शैक्षणिक गतिविधि में किया। इस व्यावहारिक गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि शब्दकोश केवल शब्दों के अर्थ जानने की पुस्तक नहीं है, बल्कि भाषा सीखने,सही उच्चारण समझने और अपने शब्द-भंडार को बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम भी है। इस गतिविधि से विद्यार्थियों में जिज्ञासा, निरीक्षण क्षमता और स्वयं सीखने की भावना विकसित हुई।
फैज़ फक़ीह सर ने कहा कि इस प्रकार की व्यावहारिक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, शोध की रुचि और स्वयं सीखने की आदत विकसित होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक रूप से शब्दकोश का उपयोग करवाने का मुख्य उद्देश्य उन्हें इस योग्य बनाना है कि भविष्य में किसी नए या कठिन शब्द का अर्थ वे स्वयं खोज सकें और भाषा पर अपनी पकड़ मजबूत बना सकें। इस शैक्षणिक गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी,उत्साह और रुचि विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। स्कूल प्रशासन ने इस गतिविधि की सराहना करते हुए कहा कि पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव विद्यार्थियों की बौद्धिक, भाषाई एवं शैक्षणिक क्षमताओं को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


