
ठाणे ( यूनिस खान ) स्वच्छ, सुंदर, हरित ठाणे के रूप में तेजी से शहर का विकास हो रहा है। अनेक महापुरुषों के स्मारक, विविध क्षेत्रों के प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों के नाम पर अस्पताल, सुविधा केंद्र, सड़क, चौक , चौराहों, वास्तु और विविध योजनाओं का नामकरण किए गए है। किसी शहर,संस्कृति व स्थान के विकास में वहां के हजारों नागरिकों की सेवाएं,अपेक्षाएं, आकांक्षाएं और भावनाएं जुड़ी होती हैं जिनका सम्मान किया जाना सामाजिक दायित्व भी होता है। इन्हीं विषयों के मद्देनजर वरिष्ठ समाजसेवी, जय परशुराम सेना फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने भगवान परशुराम का स्मारक बनाने या किसी वास्तु का उनके नाम पर नामकरण करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि ठाणे शहर और शहरों की अपेक्षा तेजी से विकसित हुआ है।इसके लिए ठाणे मनपा के अनेक राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। यहां देखें तो स्वास्थ्य क्षेत्र में छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल, राजीव गांधी मेडिकल, निर्मलादेवी नर्सिंग ट्रेनिंग स्कूल, गंगूबाई अस्पताल, इंदिरा बाई सरनाईक अस्पताल, शिक्षा के क्षेत्र में चिंतामणराव देशमुख प्रशासकीय प्रशिक्षण संस्था, स्टेडियम, नाट्यगृह, तरण तालाब जैसी अनेक सुविधा वस्तुओं का मनपा संचालन कर रही है। ठाणे मनपा क्षेत्र में अनेक विकसित सड़कों, चौक, चौराहों, उद्यान आदि का नामकरण प्रमुख व्यक्तियों के नाम किए गए हैं। सामाजिक आधार पर भी मनपा ने सभी के साथ न्याय करने का प्रयास किया है।
ठाणे शहर में भगवान परशुराम के नाम से कोई स्मारक, सड़क , चौक, चौराहा, उद्यान या वस्तु नहीं है। भगवान परशुराम को मानने वाले बड़ी संख्या में ठाणे शहर में रहते है और शहर के सर्वांगीण विकास में उनका भी योगदान रहा है। उनके मानने वालों की पहले से इच्छा रही है कि भगवान परशुराम का शहर में स्मारक बने या किसी वास्तु का नामकरण किया जाए। इसलिए उनके मानने वाले एक बड़े समूह की भावनाओं से अवगत कराते हुए जय परशुराम सेना फाउंडेशन इस आशय की मांग कर रही है। फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शर्मा ने मनपा आयुक्त से मांग की है कि वे इस पर सहानुभूत पूर्वक विचार कर न्याय दिलाने की कृपा करें। उन्होंने इस मांग पूरा कराने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से सहयोग करने की अपील की है।


