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ओमरॉन हेल्थकेयर इंडिया ने ट्रायकॉग और सकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल के साथ मिलकर एआई की मदद से हाइपरटेंशन एवं ईसीजी की देश में पहली बार परीक्षण की शुरुआत की

मुंबई,  घर पर ब्लड-प्रेशर की निगरानी के लिए डिजिटल उपकरणों के निर्माण के क्षेत्र की अग्रणी कंपनी, ओमरॉन हेल्थकेयर इंडिया ने मरीजों की दूरस्थ निगरानी के लिए भारत के पहले एआई-आधारित सहयोगी परीक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ की घोषणा की है। इस कार्यक्रम को दिल की बीमारियों के इलाज के लिए सर्जरी कराने वाले या एब्लेशन (उत्तकों को काटकर हटाने की प्रक्रिया) से गुजरने वाले मरीजों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य इलाज एवं देखभाल की व्यवस्था को मजबूत बनाने में हाइपरटेंशन और ईसीजी की दूर से निगरानी की अहमियत और इसके योगदान को उजागर करना है, ताकि दिल की बीमारियों से संबंधित जटिलताओं और इससे होने वाली मौतों को कम किया जा सके।
इंसानों में आर्टरियल फाइब्रलेशन पर दुनिया भर में किए गए सर्वेक्षणों के अनुसार, एब्लेशन के जरिए इसके इलाज के बाद भी लगभग 27% मरीजों को दोबारा आर्टरियल फाइब्रलेशन (AFib) का अनुभव होता है। यह ऐसे मरीजों के लिए घर पर ब्लड-प्रेशर के साथ-साथ ईसीजी की वास्तविक समय में और लगातार निगरानी की अहमियत को उजागर करता है, ताकि डॉक्टरों को समझदारी से और सही वक़्त पर निर्णय लेने में मदद मिल सके।
इस मौके पर श्री मासानोरी मात्सुबारा, एमडी, ओमरॉन हेल्थकेयर इंडिया, ने कहा, “ओमरॉन ने मरीजों की दूरस्थ निगरानी के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दायरे को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जिसकी अहमियत भारतीय स्वास्थ्य सेवा के परिवेश में लगातार बढ़ती ही जा रही है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य निगरानी के क्षेत्र में एआई पर आधारित विभिन्न हेल्थकेयर एप्लीकेशन के साथ साझेदारी के बाद, हम आगे बढ़ने और इस प्रयास के साथ अस्पताल देखभाल प्रबंधन में अपनी उपयोगिता को और मजबूती प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सही भागीदारों के साथ मिलकर काम करते हुए, हम परीक्षण से बेहतर नतीजे हासिल करने के प्रति आशान्वित हैं। ट्रायकॉग के एआई और सकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल के डॉक्टरों के सहयोग के साथ ओमरॉन की बेहद महत्वपूर्ण सेंसिंग तकनीक के एकजुट होकर काम करने से हमें दिल की बीमारियों को ‘शून्य तक पहुंचाने के प्रयास’ के हमारे विज़न को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस परीक्षण में अध्ययन के जरिए दो मुख्य संभावनाओं का पता लगाया जाएगा – टेक्नोलॉजी किस तरह घर पर ईसीजी की निगरानी को सक्षम बना सकती है, और ऑपरेशन कराने के बाद दिल के मरीजों को सही समय पर सहायता उपलब्ध कराने में एआई किस तरह मदद कर सकता है। इसका उद्देश्य मरीजों से दूर रहकर भी उनके हाई-ब्लडप्रेशर के साथ-साथ दिल की बीमारियों के प्रबंधन में और सुधार लाना है।
इस परीक्षण के बारे में:
बेंगलुरू स्थित सकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल में दिल की बीमारियों के इलाज के लिए सर्जरी/ एब्लेशन की प्रक्रियाओं से गुजरने वाले मरीजों को ईसीजी की क्षमता से लैस ओमरॉन कम्प्लीट™ ब्लड प्रेशर मॉनिटर प्रदान किया जाता है। अस्पताल से डिस्चार्ज होते समय, मरीजों को प्रतिदिन घर पर अपने बीपी और ईसीजी को मापने के लिए ओमरॉन डिवाइस के इस्तेमाल में प्रशिक्षण दिया जाता है। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एआई का उपयोग करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक, ट्रायकॉग हेल्थ को महत्वपूर्ण संकेत और ईसीजी डेटा भेजा जाता है, जो एआई की मदद से वास्तविक समय में मरीज की स्थिति की निगरानी की सुविधा प्रदान करता है। ट्रायकॉग के प्लेटफॉर्म और उसके स्वामित्व वाली एआई तकनीक का उपयोग करते हुए, सकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल में विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त डॉक्टरों की टीम अपने मरीजों के सेहत की निगरानी करती है, जिससे दूर रहते हुए भी मरीजों की जान को खतरे में डालने वाली परिस्थितियों का पता लगाया जा सकता है और समय रहते जटिलताओं को रोका जा सकता है। इसके अलावा, मरीज अपने घर पर आराम से रहते हुए चौबीसों घंटे सकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं। ट्रायकॉग हेल्थ के संस्थापक एवं सीईओ, डॉ. चरित भोगराज के अनुसार, “सर्वोत्तम चिकित्सा सेवाओं को घर बैठे सभी मरीजों के लिए सुलभ बनाना ही हमारा विज़न है।

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