
ठाणे ( युनिस खान ) ठाणे एक खूबसूरत शहर है और महाराष्ट्र के ठाणे में सबसे अधिक बांसुरी वादक हैं। मुझे खुशी है कि मेरे वरिष्ठ शिष्य विवेक सोनार के मार्गदर्शन में यह संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। इस आशय का उद्गार पद्म विभूषण पं. हरिप्रसाद चौरसिया ने ठाणे में गुरुकुल प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित ‘स्वर प्रभात’ कार्यक्रम में व्यक्त किया है। उन्होंने पहली से दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विवेक सोनार द्वारा लिखित पाठ्यपुस्तक का विमोचन किया। नये शैक्षणिक वर्ष से यह पुस्तक पश्चिम बंगाल के 100 स्कूलों में शुरू की जाएगी।
‘स्वर प्रभात’ कार्यक्रम का दूसरा एपिसोड ठाणे में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन गुरुकुल प्रतिष्ठान द्वारा किया गया। वरिष्ठ गायक पंडित सुरेश बापट और पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम में शास्त्रीय गायन और सामूहिक बांसुरी वादन का कार्यक्रम शामिल था। शास्त्रीय संगीत के अग्रणी संगठन गुरुकुल प्रतिष्ठान ने ठाणे के टाउन हॉल एम्पीथियेटर में ‘स्वर प्रभात’ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम रविवार 27 अप्रैल को प्रातः 7.30 बजे दर्शकों की उपस्थिति में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बसरी के खिलाड़ी पंडित विवेक सोनार के युवराज सोनार, वरिष्ठ शिष्य हिमांशु गिंडे, प्रशांत बानिया, सतेज करंदीकर और रितेश भालेराव ने राग अहीर भैरव की प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत की और तबले पर रोहित देव ने संगत की।
ठाणे के वरिष्ठ गायक पंडित सुरेश बापट ने अपने शास्त्रीय गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने राग कोमल ऋषभ असावरी और राग लालत प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया। अनंत जोशी ने हारमोनियम पर संगत की, जबकि सुहास चितले ने तबले पर संगत की।यूनियन बैंक के श्रीयुत भाटिया, ठाणे के डिप्टी कमिश्नर दिनेश तायडे, पंडित सुरेश बापट, रवि नवले, कविता सोनार और पंडित विवेक सोनार ने दीप प्रज्वलित किया। ठाणे के साईराज नवले, जलगांव के अजय सोनावणे, कोलकाता के सोहंग डे, अनीश पाल, सोलापुर के मयूरेश जाधव, मुंबई की खुशी चौगुले और चालीसगांव के युवराज सोनार सिद्धेश खैरनार को 5 लाख रुपये की छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया।
ठाणे मनपा के अतिरिक्त आयुक्त संदीप मालवी ने कहा कि शास्त्रीय संगीत के लिए काफी काम किया जा रहा है। मैं विवेक की शुरुआत से लेकर अब तक की यात्रा का साक्षी हूं। ठाणे मनपा हमेशा ऐसे आंदोलनों का समर्थन करेगा। यह भावना उन शब्दों में व्यक्त की गई है जो कलाकारों के साथ खड़े होंगे। प्रवीण कदम का बहुमूल्य सहयोग रहा।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ठाणेकर पारखी उपस्थित थे। गायिका उत्तरा चौसालकर, निशाद बाकरे, कथक नृत्यांगना मुक्त जोशी मौजूद रहीं।


