
मुंबई ( युनिस खान ) शिवाई नगर क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को जारी किए गए दंडात्मक जल शुल्क नोटिस पर रोक लगा दी गई है। पानी बिल पर जुर्माना पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। यह जानकारी ठाणे मनपा की पूर्व नगरसेविका परीषा प्रताप सरनाईक ने दी। वह परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के मार्गदर्शन में म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल के साथ एक बैठक के अवसर पर बोल रही थीं।
उन्होंने आगे कहा कि शिवाई नगर क्षेत्र में गिरिराज सोसायटी, गीतांजलि सोसायटी, शिवशक्ति सोसायटी, चिन्मय सोसायटी, प्रगति सोसायटी, ओम साईं श्रद्धा सोसायटी के साथ-साथ श्री समर्थ सोसायटी, सहजीवन सोसायटी, सुनीति सोसायटी, एकरूप सोसायटी, सोसायटी, नवदुर्गा सोसायटी, गुरुकृपा सोसायटी जैसी म्हाडा सोसायटियों के नागरिकों को तथाकथित म्हाडा अधिकारियों द्वारा इंतजार कराया गया है। 20-22 साल बाद अचानक जुर्माना राशि के साथ जल शुल्क के बकाया का नोटिस भेजना बेहद गलत है। ऐसे तुगलकी आदेश देने वाले अफसरों की जांच होनी चाहिए! उन्होंने जायसवाल से ऐसी मांग की।
इस पर बोलते हुए म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जयसवाल ने स्पष्ट किया कि दंडात्मक जल कर के नोटिस पर रोक लगा दी गई है और जल कर पर दंडात्मक राशि पूरी तरह से माफ कर दी गई है। इसके साथ ही ठाणे मनपा आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि वे इन सोसायटी मालिकों को मुंबई मनपा पाइपलाइन या ठाणे मनपा पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मुंबई मनपा की पाइपलाइन के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने वाले सोसायटी मालिकों के मूल बिलों की पुनः जांच की जाएगी तथा उन्हें चरणों में भुगतान करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि जिन नागरिकों के पास तकनीकी रूप से केवल पानी का कनेक्शन है, लेकिन उन्हें पानी नहीं मिलता है, उनके बिल पूरी तरह माफ कर दिए जाएंगे।


