
ठाणे ( युनिस खान ) पहलगाम में हुए हमले के बाद आतंकवाद का घिनौना चेहरा उजागर हुआ है। जिस तरह पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी पर्यटकों पर हमला कर रहे हैं, उसी तरह वे कश्मीरी लोगों को भी परेशान कर रहे हैं। उन्हें भी मजबूत करने की जरूरत है। राष्ट्रवादी छात्र कांग्रेस-शरद चंद्र पवार पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मरजिया शानू पठान ने आतंकवाद के पीड़ितों के घर जाकर उन्हें सांत्वना देने का अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा है कि दस
पाकिस्तान को मिट्टी में मिलाने की क्षमता भारत में है।
राष्ट्रवादी छात्र कांग्रेस-शरद चंद्र पवार पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मरजिया शानू पठान ने “चलो अमन की ओर…” अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत उन्होंने ‘आतंकवाद के खिलाफ शांतिपूर्ण लड़ाई’ के गांधीवादी विचार को अपना मार्गदर्शक सिद्धांत मानते हुए देशभर में आतंकवादी घटनाओं के शिकार हुए भारतीय नागरिकों से मिलने का अभियान शुरू किया है। इसका पहला चरण उन्होंने सीधे पहलगाम से शुरू कर दिया है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद वह कश्मीरी लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे चौराहे पर खड़े होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ें, ताकि लोगों में डर कम हो। सोमवार, मंगलवार और बुधवार को उन्होंने पहलगाम हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के 11 पर्यटकों को बचाने वाले नजाकत अहमद शाह और पर्यटकों को बचाते हुए आतंकियों की गोलीबारी में शहीद हुए सैयद हुसैन शाह के परिजनों से भी मुलाकात की। मरजिया शानू पठान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पूरा देश आपके पीछे खड़ा है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि यह देश बुद्ध-महावीर-गांधी का है। इस देश में कभी कोई आक्रांता पैदा नहीं हुआ। हमने पूरी दुनिया में शांति और अहिंसा का प्रचार किया है। हालांकि, जब हम पर हमला हुआ तो हम कभी चुप नहीं बैठे। जैसे हम शांति की विरासत की बात करते हैं, वैसे ही हमारे पास अशफाक उल्लाह खान और बेगम हजरत महल की विरासत भी है। इसीलिए उन्होंने इस बार चेतावनी भी दी कि भारत की ओर आंख उठाकर देखने वाले दस पाकिस्तान भी बन जाएं, तो हम उन्हें नष्ट करने के लिए तैयार हैं।


