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भिवंडी में 3 दिन में करीब 50 लोगों को कुत्तों ने काटा , शहर में आवारा कुत्तों की दहशत

भिवंडी [ युनिस खान ] भिवंडी मनपा क्षेत्र में आवारा कुत्तों का भय बढ़ने लागा है। पिछले 72 घंटे के दौरान आवारा कुत्तों के करीब 50 लोगों को काटने की घटनाएं सामने आई हैं जिसमें करीब एक दर्जन से अधिक मासूम बच्चों का समावेश है। जागरूक शहरवासियों का आरोप है कि मनपा स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिकायत के उपरांत भी आवारा कुत्तों को पकड़ने की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

             मिली जानकारी के अनुसार ईदगाह रोड स्थित बाबू चुन्नी बिल्डिंग, रोशन बाग,बराला देवी तालाब परिसर, कामतघर, मानसरोवर, नवी बस्ती, म्हाडा कालोनी, बारकिया कंपाउंड गोकुल नगर,अजय नगर,अंजुरफाटा, शांति नगर,घूंघट नगर,गोपाल नगर,मंगल बाजार स्लैब,समद नगर,स्व परशुराम स्टेडियम,पटेल कम्पाउंड,भंडारी कम्पाउंड,खोखा कम्पाउंड परिसर सहित तमाम रहिवासी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का झुंड 24 घंटे घूमता रहता है। मार्ग से गुजरने वाले बुजुर्ग, महिला, पुरुष एवं बच्चों को हमेशा कुत्ते के काटने का भय बना रहता है। पिछले 24 घण्टे के दौरान ही ईदगाह रोड स्थित बाबू चुन्नी इमारत व रोशन बाग परिसर के आसपास दोपहर के दौरान खेल रहे करीब एक दर्जन 5 से 10 वर्ष आयु के मासूम बच्चों को एक आवारा कुत्ते ने दौड़ाकर पैर- हाथ में काट लिया। बच्चों को काटने से हाथ-पैर में खरोच सहित खून निकल आया। घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के परिजन सन्न रह गए और फौरन उपचार के लिए आईजीएम अस्पताल गए जहां डॉक्टरों ने रेबीज का इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया।
        इस सन्दर्भ में आईजीएम अस्पताल के सीएमओ डॉक्टर राजेश मोरे ने बताया कि शहर में आवारा कुत्तों की तादाद बढ़ गई है। नसबंदी न होने से कुत्तों की जनसँख्या में वृद्धि हुई है और कुत्ते खतरनाक हो गए हैं। आवारा कुत्तों का झुंड 3 दिन में करीब 50 लोगों को काट चुका है। पीड़ितों को रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया है। पालकों का आरोप है कि मनपा प्रशासन द्वारा कोरोना संकटकाल में कुत्तों की धरपकड़ सहित नसबंदी पूरी तरह रोक दी गई जिससे कुत्तों की बेतहाशा बढ़ गई है। जागरूक शहरवासियों का कहना है कि कुत्तों के काटने से जीवन को खतरा हो सकता है। मनपा स्वास्थ्य विभाग को कुत्तों की धरपकड़ कर जंगल में भेजने सहित आवारा कुत्तों की नसबंदी किए जाने पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।  मनपा प्रशासन द्वारा बिगत 7-8 वर्षों से आवारा कुत्तों की धरपकड़ व नसबंदी के लिए किसी भी एजेंसी को अधिकृत नही किया गया है। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से लोगों में सुरक्षा को लेकर भारी चिंता बढ़ने लगी है।

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