
मुंबई ( यूनिस खान ) आज, यहां मराठी के लिए समर्पित लोगों की भीड़ दिख रही है, मराठी बोलने के लिए मजबूर नहीं। जन्मभूमि चाहे उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो या कोई और राज्य, कर्मभूमि महाराष्ट्र है। इसलिए, महाराष्ट्र की मराठी भाषा से प्यार करें। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस आशय की अपील की। वह बोरीवली के कोरा केंद्र ग्राउंड में 20,000 हिंदी भाषी रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी बिजनेस लैंग्वेज ट्रेनिंग सर्टिफिकेट बांटते हुए बोल रहे थे। शिंदे ने कहा कि उन्हें रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों की इतनी बड़ी भीड़ देखकर खुशी हुई, जिन्होंने सड़क पर आते-जाते मराठी सीखी और प्रकाश सुर्वे की पहल की तारीफ की। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने मुश्किल काम को आसान बनाने के लिए साहित्यकार, भाषाविद, प्रिंसिपल, टीचर और मराठी प्रेमियों को बधाई दी। शिंदे ने कहा कि मराठी भाषा तोड़ती नहीं, जोड़ती है। रिक्शा-टैक्सी में बैठा यात्री न सिर्फ ‘कहां जाना है?’ कह सके, बल्कि कोई सीनियर सिटिज़न भी प्यार से ‘धीरे उतरो’ कह सके। यात्रियों को ड्राइवरों से मराठी में भी बात करनी चाहिए। इससे मराठी का प्रचार बढ़ेगा और ड्राइवरों का बिज़नेस भी बढ़ेगा।बशुरुआती दिनों में रिक्शा चलाने पर गर्व जताते हुए उन्होंने कहा कि रिक्शा-टैक्सी सर्विस एक सर्विस है। सभी से कोई भी बिज़नेस ईमानदारी से करने की अपील करते हुए उन्होंने उन ईमानदार ड्राइवरों की तारीफ की जो यात्रियों के पैसे, गहने या कीमती सामान मिलने पर पुलिस के पास जमा कराते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे ड्राइवरों को समाज में रोल मॉडल के तौर पर सम्मान दिया जाता है।
उन्होंने अपील की कि मुंबई में रहने वाला और मराठी से प्यार करने वाला हर मुंबईकर उनका रिश्तेदार, दोस्त और साथी इंसान है। कोंकण मराठी साहित्य परिषद समेत मराठी सिखाने वाले सभी लोगों को बधाई देते हुए उन्होंने पद्मश्री मधु मंगेश कार्णिक के योगदान की खास तौर पर तारीफ की। शिंदे ने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब मराठी को क्लासिकल भाषा का दर्जा देने का फैसला किया गया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे मंजूरी दी थी। उन्होंने गाय को राज्य माता का दर्जा देने का भी जिक्र किया। महाराष्ट्र में पहले फेज में करीब 1 लाख 60 हजार लोगों ने मराठी सीखी है और उन्हें इस पर गर्व होना चाहिए, उन्होंने दूसरों से भी मराठी सीखने और इसे बढ़ावा देने की अपील की।
सभी से अच्छे काम में रुकावट डालने वालों के झांसे में आए बिना मुंबई का विकास करने की अपील करते हुए शिंदे ने कहा, “मुंबई रोजी-रोटी का जरिया है; मुंबई और मराठी से प्यार करें। उन्होंने गोविंदा उत्सव और गणेशोत्सव को भी बड़े उत्साह से मनाने और संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने की अपील की। इस अवसर पर विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, विधायक प्रकाश सर्वे, विधायक मुरजी पटेल, विधायक प्रो. मनीषा कायंदे, शिवसेना सचिव सिद्धेश कदम सहित सभी शिवसेना सांसद, विधायक, पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा रिक्शा व टैक्सी चालक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


