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क्लस्टर डेवलोपमेंट कंपनी बनाकर 130 करोड़ रूपये देने के निर्णय के विरोध में राकांपा ने निकाला मोर्चा  

ठाणे [ युनिस खान ] मनपा की महासभा में क्लस्टर डेवलपमेंट स्कीम को लागू करने के लिए एक क्लस्टर डेवलपमेंट कंपनी बनाने का प्रस्ताव पास किया गया है। यह आरोप लगाते हुए कि यह कंपनी एक “डिप्लॉयमेंट फोर्स” है,राकांपा -शरदचंद्र पवार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जितेंद्र आव्हाड की मौजूदगी और जिलाध्यक्ष मनोज प्रधान के नेतृत्व में तीनहाथ नाका से क्लस्टर डेवलपमेंट ऑफिस तक एक मार्च निकाला गया। इस मार्च में हज़ारों ठाणेकरों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर डॉ. जितेंद्र आव्हाड और मनोज प्रधान ने उपायुक्त दीपक जिंजड़ की कड़ी आलोचना की।

         क्लस्टर डेवलपमेंट कंपनी को क्लस्टर के काम का कॉन्ट्रैक्ट देने के प्रस्ताव का विरोध सत्ताधारी भाजपा के साथ-साथ राकांपा -शरद चंद्र पवार पार्टी ने भी किया है। हालांकि, यह प्रस्ताव भारी बहुमत से पास हो गया है। यह मार्च यह आरोप लगाते हुए निकाला गया कि इस प्रस्ताव से कंपनी को ठाणे शहर की डेवलपमेंट पॉलिसी तय करने का अधिकार सरकार के बजाय मिल जाएगा। ये मार्च करने वाले क्लस्टर कंपनी के विरोध में तख्तियां पकड़े हुए थे। तीनहाथ नाका से शुरू हुआ यह मार्च क्लस्टर ऑफिस पर खत्म हुआ। इस मौके पर डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने कहा, ठाणे में आज पानी नहीं आता। आपको पता है सड़कों पर ट्रैफिक कैसा है। नगर सेवकों के फंड में कटौती करके उस कंपनी को 130 करोड़ रुपये दिए। यानी वे पैसे जुटाने के लिए कुछ भी करेंगे। ठाणे में यह कई सालों से चल रहा है। मेट्रो, रिंग रेलवे, कौन सी सड़कें, अरे क्यों? एक प्रोजेक्ट में तीन हजार पेड़ काटे जा रहे हैं। क्या ठाणे में पहले कभी इतनी गर्मी पड़ी है? इसलिए ठाणे को अस्थिर करने का प्लान है। क्लस्टर के ज़रिए एक ज़रूरी बात समझ में आई कि कुछ लोग बिना 50 फीसदी मालिकाना हक के सहमति पत्र देकर जाते हैं, उन्हें किस अधिकार से दिया जाता है? क्या आप गरीबों को चुप कराना चाहते हैं? अक्सर, जो लोग अपने घर खाली करने जाते हैं, वे मनपा के कर्मचारी होने का नाटक करते हैं। उनके पास नकली पहचान पत्र होते हैं। यानी, ठाणे में जो स्थिति जंतर-मंतर पर देखी गई, वे बेकार गुंडे जो लोगों को लाठियों से पीटते हुए आए थे, पुलिस के बीच में खड़े होकर उन्हें लाठियों से पीट रहे थे, वह चल रहा है, ऐसा डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने कहा।

        इस मौके पर प्रधान ने आरोप लगाया कि 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 की धारा 243-डब्ल्यू के तहत स्थानीय स्व-सरकारी निकायों को दिए गए अधिकारों का उल्लंघन किया गया है, और ठाणे शहर में चार हज़ार एकड़ में एक क्लस्टर बनाया जा रहा है। आज, ठाणे शहर में तीस एमएलडी पानी की कमी है। मानसून के दौरान भी, ठाणे में कई जगहों पर टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है। इस बीच, 12 का एफएसआई देकर चार हज़ार एकड़ ज़मीन डेवलप करके ठाणे को बेच दी गई है, और ने राकांपा के लोग इसका विरोध करने यहाँ आए हैं। उस कंपनी के बारे में किसी को कुछ नहीं पता, लेकिन यह क्लस्टर डेवलपमेंट उसी कंपनी के ज़रिए होगा, हम इस कंपनी के खिलाफ़ हैं। यह महासभा के अधिकार छीनकर एक कंपनी को देने का प्लान है। लेकिन वो दिन अब गए जब ठाणे के नागरिक आँखें बंद करके सुनते थे। राकांपा  इसके खिलाफ़ सड़कों पर उतरेगी। सबसे बुरी बात यह है कि ठाणे मनपा ने इस क्लस्टर को 130 करोड़ रुपये दिए, इसकी कीमत क्या थी? और यह किस लिए दिया गया? और आपने पैसे क्यों दिए? आज आप ठाणे के गरीब लोगों का प्रॉपर्टी टैक्स 12फीसदी और 20 फीसदी बढ़ा रहे हैं, और आप ऐसे 130 करोड़ रुपये एक क्लस्टर की प्राइवेट कंपनी को दे रहे हैं? इस कंपनी में कौन है, उनके नाम बताओ, इसके पीछे कौन है? हम आपको 12 का एफएसआई नहीं देंगे। गरीबों को घर मिलना ही चाहिए, लेकिन गरीबों को किनारे कर दिया गया है और वे सब कुछ बिल्डर के गले में डाल रहे हैं। उन्होंने आलोचना की कि प्लान अपनी पसंद के बिल्डर को लाने का है। पहले उससे सेटलमेंट करो और फिर उसे दे दो।

       मार्च में कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश पाटिल, युवा अध्यक्ष और गटनेता अभिजीत पवार, महिला अध्यक्ष मनीषाताई भगत, विरोधी पक्ष नेता अशरफ शानू पठान, मुंब्रा प्रभाग समिति की अध्यक्ष दीपाली भगत, नगर सेवक यासीन कुरैशी, प्रकाश बर्डे, सुधीर भगत, मुंब्रा कलवा विधानसभा क्षेत्र राकांपा अध्यक्ष शमीम खान , महिला कार्यकारी अध्यक्ष फूलबानो पटेल, युवा कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कदम, श्रीकांत भैर, महासचिव राजेश साटम, वीरू वाघमारे, मिलिंद बनकर, मकसूद खान, सुरेंद्र उपाध्याय, शमीम खान, बुद्धभूषण गोटे, जगत सिंह, सचिन पंढेरे, कुलविंद सिंह, मेहरबान पटेल, एकनाथ जाधव, क्रुणाल भोईर, पद्माकर पाटिल, बिपिन गेहलोत, समाधान माने, उमेश अग्रवाल, पूजा शिंदे, माधुरी सोनार, असीम शेख, प्रदीप साटम, राजू चपले, वैभव विचारे, विशांत गायकवाड़, शुभम द्विवेदी, संदीप ढकोलिया, राकेश भगत, रत्नेश दुबे, ज्ञानेश्वर राजपंखे, मुलीम खान, नीलेश सावंत, गजानन चौधरी, दिलीप नाइक, राजू शिंदे, राहु पाटिल, संतोष साटम, मनीषा पाटिल, दीपाली गवांड, दिलीप उपाडे, पप्पू अस्थाना, शेखर भालेराव, किशोर फुपाने, संदीप येताल, विश्वास चव्हाण ने भाग लिया।

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