
ठाणे ( युनिस खान ) राष्ट्रवादी कांग्रेस-शरद चंद्र पवार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक दल के नेता डॉ. जितेंद्र आव्हाड की मौजूदगी में आज (23 तारीख) विभिन्न दलों से सैकड़ों कार्यकर्ता राष्ट्रवादी कांग्रेस-शरद चंद्र पवार पार्टी में शामिल हुए। इस दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि पार्टी छोड़कर जाने वालों पर ध्यान देने की बजाय हमारी पार्टी की शिक्षा है नए कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी करना और उनमें से नेता बनाना। हम यही कर रहे हैं, डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने कहा।
यह पार्टी प्रवेश राष्ट्रवादी कांग्रेस-शरद चंद्र पवार पार्टी के पार्टी कार्यालय में हुआ। इस समय सांसद बाल्यम्मा म्हात्रे, शहर अध्यक्ष सुहास देसाई, कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश पाटिल, महिला अध्यक्ष सुजाताताई घाग, कलवा-मुंब्रा विधानसभा अध्यक्ष शमीम खान, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुफ्ती अशरफ सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं ने कहा कि एमआईएम, कांग्रेस आदि दलों के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में काम करने वाले कार्यकर्ता शरद पवार और डॉ. जितेंद्र आव्हाड की धर्मनिरपेक्ष विचारधारा पर विश्वास करते हुए इस पार्टी में शामिल हुए हैं। डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि वर्तमान में पार्टी के लिए संघर्ष का समय है। इस दौरान भी शमीम खान और मुफ्ती अशरफ की पहल पर सैकड़ों कार्यकर्ता पार्टी में शामिल हुए हैं। पार्टी में शामिल हुए ये कार्यकर्ता धर्मनिरपेक्ष विचारधारा का पालन कर रहे हैं।
वर्तमान अस्थिर माहौल में भी लोगों का मानना है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरद चंद्र पवार पार्टी ही न्याय कर सकती है, जो इस पार्टी प्रवेश से साबित हुआ है, ऐसा डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने कहा। कलवा में फूट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हम पार्टी छोड़ने वालों पर ध्यान नहीं देते हैं। क्योंकि, हमारा लक्ष्य नए कार्यकर्ता तैयार करना और उनसे नया नेतृत्व तैयार करना है। शिवसेना में बहुत सारे आकांक्षी हैं। वे सभी को उम्मीदवारी का वादा कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे 130 में से 260 नगरसेवक उन्हें विधानसभा में ले जाने वाले हैं। लेकिन, यहां से वहां गए लोगों को उम्मीदवारी का वादा करने से पुराने शिवसैनिक नाराज हैं या नहीं, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है। क्योंकि, हमें दूसरों के घरों में झांकने की आदत नहीं है। सभी कलवाकर देख रहे हैं कि किसकी फोटो पोस्ट से ली गई है, किसकी फोटो पोस्ट की गई है। हमारे लिए इस पर टिप्पणी न करना ही बेहतर है, ऐसा डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने कहा।
*हिंदी विवाद सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए है*
हिंदी को अनिवार्य करने का फैसला शुरू से ही लिया गया है। यह बिना वजह पैदा किया गया विवाद है। लोगों का ध्यान मूल मुद्दे से भटकाने के लिए हिंदी का मुद्दा उठाया जा रहा है। हालांकि, हिंदी की प्रशंसा करते हुए अंग्रेजी की आलोचना की जा रही है। अंग्रेजी एक वैश्विक भाषा है। व्यक्ति को कई भाषाएं सीखकर समृद्ध बनना चाहिए। यदि हम अनेक भाषाएँ सीखेंगे तो हमारे लिए विश्व के द्वार खुल जाएँगे। जो कोई भी भाषा सीखना चाहता है, उसे वह भाषा सीखने दी जानी चाहिए; लेकिन, इसके लिए कोई बाध्यता नहीं होनी चाहिए। महाराष्ट्र की धरती की पहचान मराठी है। इसलिए, हम मराठी की बाध्यता समझ सकते हैं। लेकिन, वोटों की खातिर हिंदी को थोपना कठिन है। वोटों के लिए हमारी भाषा के साथ अन्याय क्यों? जब गुजरात, तमिलनाडु, बंगाल, उड़ीसा में ऐसी कोई बाध्यता नहीं है, तो महाराष्ट्र में यह बाध्यता क्यों है? स्वाभिमानी महाराष्ट्र को कहाँ ले जाया गया? जो खाना चाहता है, वह खाए। जो सीखना चाहता है, वह सीखे। लेकिन, कोई भी चीज़ जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए। इस तरह की बाध्यता केवल विवाद पैदा करने के लिए की जाती है, ऐसा डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने कहा।
*जन शिकायतों का मौके पर समाधान*
“आप आप भेटीला” राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरद चंद्र पवार द्वारा कार्यान्वित की जा रही एक अभिनव पहल है। इस पहल का क्रियान्वयन आज पार्टी कार्यालय में किया गया। डॉ. जितेन्द्र आव्हाड ने व्यक्तिगत रूप से शिकायतकर्ताओं से मुलाकात की और 50 से अधिक शिकायतों का समाधान किया।


