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ऑटिज़्म आपके परिवार व बच्चे के जीवन को पंगु बनाने पहले एहतियाती कदम उठाएं – डॉ. चंद्रशेखर थोडुपुनुरी 

ठाणे ( यूनिस खान ) हैदराबाद स्थित शोध-प्रेरित संस्थान रिस्प्लाइस ऑटिज़्म रिसर्च फाउंडेशन, जिसकी स्थापना डॉ. चंद्रशेखर थोडुपुनुरी ने की है, भारत का अपनी तरह का पहला स्वास्थ्य केंद्र है, जो ऑटिज़्म और अन्य न्यूरोलॉजिकल स्थितियों के प्रबंधन के लिए समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है। रिस्प्लाइस सही मायने में एक शोध-आधारित संस्थान है, जो फीकल माइक्रोबायोटा ट्रांसप्लांटेशन (एफएमटी) और ऑटिज़्म व न्यूरो डेवलपमेंटल स्थितियों की रोकथाम हेतु प्रीकॉन्सेप्शन केयर जैसी नवाचारी उपचार पद्धतियों में विशेषज्ञता रखता है।
           एफएमटी का उपयोग गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों, कीमोथेरेपी के बाद आंतों की रिकवरी संबंधी समस्याओं और अधिकांश गैर-संचारी रोगों में भी संभावनाओं के रूप में किया जा रहा है। रिस्प्लाइस ऑटिज़्म रिसर्च फाउंडेशन, प्रोविडेंस माइक्रोबायोम रिसर्च सेंटर के साथ मिलकर ऑटिज़्म के लिए फीकल माइक्रोबायोटा ट्रांसप्लांट (एफएमटी) पर कार्य कर रहा है, जो आईसीएमआर के साथ पंजीकृत है। वर्तमान में यह अध्ययन जारी है और यह भारत का पहला संस्थान है, जो कई आधुनिक विकारों का मूल कारण माने जानेवाले गट-ब्रेन एक्सिस पर केंद्रित करुणामूलक उपचार के रूप में एफएमटी को प्रदान करता है। रिस्प्लाइस ऑटिज़्म रिसर्च फाउंडेशन के सतत शोध से यह सामने आया है कि ऑटिज़्म की शुरुआत गर्भ में ही हो जाती है। यदि सही कदम उठाए जाएं तो ऑटिज़्म से ग्रस्त सभी बच्चों का जन्म सामान्य (न्यूरोटिपिकल) रूप में हो सकता है। इसी बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए और गर्भावस्था के दौरान ही ऑटिज़्म की रोकथाम के उद्देश्य से रिस्प्लाइस ने ऑटिज़्म प्रिवेंशन प्रोग्राम भी शुरू किया है।
      रिस्प्लाइस ऑटिज़्म रिसर्च फाउंडेशन द्वारा 28 जून, 2026 को सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक ग्राउंड फ़्लोर, कैंटीन हॉल, दादोजी कोंदेव स्टेडियम मेन गेट, ठाणे पश्चिम – 400601 में ऑटिज़्म मरीजों के लिए नि:शुल्क गट हेल्थ असेसमेंट एवं माइक्रोबायोम टेस्टिंग कैंप आयोजित किया जाएगा। पंजीकरण के लिए 8433529769 / 8433529435 / 9100065552 पर संपर्क कर सकते हैं। ऑटिज़्म के बारे में जानकारी देते हुए रिस्प्लाइस ऑटिज़्म रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर थोडुपुनुरी ने कहा, ‘‘पिछले चार-पांच दशकों में ऑटिज़्म के मामलों में बढ़ोतरी गंभीर चिंता का विषय है। उभरते वैज्ञानिक तथ्यों से संकेत मिलता है कि कृषि रसायनों और फॉरएवर केमिकल्स (स्थायी कृत्रिम रसायनों) का जैव संचय ऑटिज़्म का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है। गर्भधारण की योजना बना रहे दंपत्तियों में इन रसायनों के संपर्क को कम करना और शरीर से इन्हें डिटॉक्स करना ऑटिज़्म के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इस गंभीर जनस्वास्थ्य विषय पर जागरूक सार्वजनिक संवाद और नीतिगत स्तर पर सहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। सम्मेलन का उद्देश्य प्रीकॉन्सेप्शन हेल्थ पॉलिसी पर विशेष ध्यान देते हुए रोकथाम संबंधी रणनीतियों की आवश्यकता को उजागर करना है। इस पहल के तहत फाउंडेशन ने देशभर में ऑटिज़्म से ग्रस्त बच्चों के गट हेल्थ पैटर्न का अध्ययन शुरू किया है।

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