
ठाणे में कांग्रेस का संविधान बचाने का संकल्प; बेरोजगारी
महंगाई और नफरत की राजनीति के खिलाफ आवाज
ठाणे ( यूनिस खान ) देश की आजादी की लड़ाई में अहम रहे अगस्त क्रांति दिवस के मौके पर ठाणे शहर कांग्रेस ने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। 9 अगस्त 1942 को मुंबई के ऐतिहासिक अगस्त क्रांति मैदान से महात्मा गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ ‘भारत छोड़ो’ का नारा देकर ‘करो या मरो’ का अपना संकल्प जताया था। उस ऐतिहासिक संघर्ष से प्रेरित होकर आज देश के लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक सद्भाव को और मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
कोर्ट नाका पर संविधान की प्रस्तावना की मूर्ति के सामने सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ हुआ और संविधान में दिए गए समानता, स्वतंत्रता, न्याय और भाईचारे के मूल्यों को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। इसके बाद डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। इस मौके पर ठाणे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल पिंगले, सांसद कुमार केतकर, वरिष्ठ नेता सुभाष कनाडे, प्रदेश पदाधिकारी डॉ. गजानन देसाई, राजेश जाधव, मोहन तिवारी, प्रदेश सदस्य भालचंद्र महादिक, मिलिंद खराडे, निशिकांत कोली, धर्मराज्य के राजन राजे, एडवोकेट प्रभाकर थोरात, महेंद्र म्हात्रे, सेवा दल के रवींद्र कोली, बी पी शर्मा समेत ब्लॉक अध्यक्ष, यूथ कांग्रेस, महिला और हर स्तर के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे।
इस मौके पर कांग्रेस की ओर से संदेश दिया गया कि जिस पीढ़ी ने देश को आजादी दिलाई, उसने देश के लिए कुर्बानी दी, अब लोकतंत्र और संविधान को मजबूत बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। देश के हित और लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे को केंद्र में रखकर सरकार की आलोचना की गई। उन्होंने कहा, “गांधीजी ने 1942 में अंग्रेजों को ‘ भारत छोड़ो’ का संदेश दिया था। आज देश बेरोजगारी, महंगाई, सामाजिक नफरत और लोकतांत्रिक मूल्यों जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसलिए, आज का असली क्रांतिकारी काम संविधान, लोकतंत्र, समानता, भाईचारा और न्याय के मूल्यों की रक्षा करना है।


