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बदलते ठाणे शहर के डेवलपमेंट को तस्वीरों के ज़रिए दिखाना चाहिए – एकनाथ शिंदे

ठाणे ( यूनिस खान ) एक फोटो सिर्फ़ एक पल की कहानी नहीं होती, बल्कि उस एक फोटो के ज़रिए हज़ारों शब्द कहे जाते हैं। तस्वीर देखने के बाद, लोगों को उस घटना या हालात का एहसास होता है। साथ ही, तस्वीरों के ज़रिए पुरानी यादें भी ताज़ा हो जाती हैं। ठाणे बदल रहा है.. राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज ठाणे में कहा कि फोटोग्राफरों को ठाणे के डेवलपमेंट को तस्वीरों के ज़रिए दिखाना चाहिए, फोटोग्राफर को अपनी ‘तीसरी आँख’ लगातार खुली रखनी होगी।

         वे वर्ल्ड फोटोग्राफी डे के मौके पर ठाणे मनपा और ठाणे शहर दैनिक पत्रकार संघ की तरफ से मनपा मुख्यालय में आयोजित एक फोटोग्राफी एग्जीबिशन के उद्घाटन पर बोल रहे थे। इस एग्जीबिशन का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया। कार्यक्रम में सांसद नरेश म्हस्के, महापौर शर्मिला पिंपलोलकर, सभागृह नेता हनमंत जगदाले, विपक्ष के नेता अशरफ शानू पठान, अतिरिक्त आयुक्त प्रशांत रोडे, उपायुक्त डॉ. मिताली संचेती, शिक्षा अधिकारी शेषराव बड़े, ठाणे शहर दैनिक पत्रकार संघ के दिलीप शिंदे सहित पत्रकार संघ के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य और बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद थे।

         इस अवसर पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने फोटोग्राफरों के काम की विशेष रूप से प्रशंसा की। खुशी का पल हो, दुख का पल हो या कोई मुश्किल हालात, एक फोटोग्राफर अपनी जान की परवाह किए बिना मौके पर पहुंचता है और उस पल को अपने कैमरे में कैद कर लेता है। उन्होंने यह भी बताया कि कोविड के मुश्किल समय में भी पत्रकार और फोटोग्राफर अपनी जान जोखिम में डालकर समाज तक ज़रूरी जानकारी पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

          एक फोटोग्राफर शब्दों से परे अपनी बात कह देता है। एक पूरी घटना या हालात को एक फोटो के ज़रिए अच्छे से दिखाया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए सिर्फ़ हाथ में कैमरा होना काफ़ी नहीं है, बल्कि सही पल को कैद करने की स्किल, हालात की जानकारी और समझदारी का सही इस्तेमाल ज़रूरी है। कुछ पल कभी वापस नहीं आते। इसलिए, सही समय पर सही पल को कैद करने वाला इंसान ही सही मायने में एक बेहतरीन फोटोग्राफर बनता है, ऐसा शिंदे ने कहा। उन्होंने बताया कि एक अच्छी फोटो लेने के लिए ऑब्ज़र्वेशन, सब्र और सही टाइमिंग बहुत ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि पत्रकार बहनों ने भी शानदार फोटो खींची हैं।

        एक फोटो में बहुत ताकत होती है। एक फोटोग्राफर सच में एक जागरूक नागरिक होता है। कई बार, किसी घटना की फोटो लेते समय फोटोग्राफर को संबंधित लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ता है। ऐसे हालात में भी वह अपना काम करते रहते हैं। इसलिए, समाज को एक फोटोग्राफर के काम को समझदारी से देखना चाहिए, ऐसा डिप्टी चीफ मिनिस्टर श्री शिंदे ने भी कहा।

       ठाणे शहर तेज़ी से डेवलप हो रहा है, और शहर के पुराने और नए रूप को तस्वीरों के ज़रिए नागरिकों तक पहुंचाने की ज़रूरत है। पहले की तंग सड़कें और अब नई चौड़ी सड़कें, बदला हुआ ट्रांसपोर्ट सिस्टम, शहर में बढ़ती सुविधाएं और साथ ही ठाणे के डेवलपमेंट का सफ़र तस्वीरों के ज़रिए दिखाया जा सकता है। इसलिए, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगले साल होने वाली फोटो एग्ज़िबिशन ‘ठाणे बदल रहा है’ टॉपिक पर लगाई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुराने ठाणे से मॉडर्न और डेवलप्ड ठाणे तक के सफ़र को तस्वीरों के ज़रिए नागरिकों के सामने पेश किया जाए, तो यह एक हिस्टोरिकल डॉक्यूमेंट बन जाएगा।

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