
जिले के बच्चों ने स्पेस रिसर्च में किया कमाल
ठाणे ( यूनिस खान ) ठाणे जिले के स्कूल स्टूडेंट्स ने स्पेस साइंस और स्पेस रिसर्च के फील्ड में इंटरनेशनल लेवल पर कमाल करके देश का नाम रोशन किया है। बदलापुर के सोहम साल्वे और डोंबिवली की अदिति प्रवीण ठक्कर, दोनों चाइल्ड साइंटिस्ट, जिन्होंने स्पेस रिसर्च में बड़ी छलांग लगाई है, उन्हें ठाणे जिले का ‘स्पेसक्रेट एंबेसडर’ चुना गया है। ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने इन दोनों टैलेंटेड स्टूडेंट्स को इस कामयाबी के लिए खास तौर पर बधाई दी है और उनके आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
‘स्पेसक्रेट्स यूनिवर्सिटी’ ऑर्गनाइजेशन ने पुणे में देश भर के 1 लाख स्टूडेंट्स से एक फेज्ड सिलेक्शन टेस्ट लिया था। इनमें से 10 हजार स्टूडेंट्स का इंटरव्यू लिया गया और फाइनल राउंड में देश भर से 1 हजार स्टूडेंट्स को चुना गया। इस कठिन प्रक्रिया से गुजरते हुए ठाणे जिले के छात्र सोहम साल्वे ने जूनियर साइंटिस्ट की विशेष ट्रेनिंग में स्थान बनाकर सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस शानदार उपलब्धि के लिए सोहम को हाल ही में प्रतिष्ठित ‘बदलापुर रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। बदलापुर के पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले सोहम ने नौ-दस साल की उम्र से ही इसरो-मैजिका और स्पेसक्रेट के जरिए यह ट्रेनिंग शुरू की थी। पिछले तीन सालों में उन्होंने अंतरिक्ष और ब्रह्मांड विषय पर तीन किताबें लिखी हैं और फिलहाल ‘इंटरनेशनल साइंटिस्ट प्रोग्राम’ के दूसरे साल में रिसर्च कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने लगातार दो सालों तक इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया है और पिछले साल ‘सिल्वर ऑनर’ और इस साल ‘ब्रॉन्ज ऑनर’ जीता है। सोहम ने एक एस्टेरॉयड पर भी सफलतापूर्वक रिसर्च की है।
इसी तरह के. वी. पेंढारकर कॉलेज में 11वीं क्लास की छात्रा अदिति प्रवीण ठक्कर ने भी लगातार मेहनत से स्पेस साइंस में बड़ी कामयाबी हासिल की है। आठवीं क्लास से ही स्पेस रिसर्च में दिलचस्पी रखने वाली अदिति ने यूनिवर्स में 16 एस्टेरॉयड खोजे हैं। अमेरिकन स्पेस एजेंसी ‘ नासा’ ने उनकी रिसर्च पर ऑफिशियल नोटिस लिया है और अपनी वेबसाइट पर जानकारी पब्लिश की है। इन दोनों चाइल्ड साइंटिस्ट के टीचर डॉ. युवराज लंबोले और स्पेस साइंटिस्ट श्री प्रवीण वाकोडे की दी गई जानकारी के मुताबिक, स्पेसक्रेट्स यूनिवर्सिटी ने इसरो और नासा जैसे जाने-माने ग्लोबल ऑर्गनाइज़ेशन के साथ जुड़ाव बनाए रखा है। उनके पास एनालॉग एस्ट्रोनॉट, रॉकेट साइंटिस्ट और युवा रिसर्चर समेत 37 एक्सपर्ट की एक मज़बूत टीम है। इस टीम ने ‘हर घर से साइंटिस्ट’ के कॉन्सेप्ट को पूरा करने की पहल की है, जो देश के प्रधानमंत्री और इसरो का सपना है। इन दोनों जूनियर साइंटिस्ट को ठाणे जिले का ‘स्पेसक्रेट एंबेसडर’ बनाया गया है ताकि ठाणे जिले के सभी स्कूल और कॉलेज में स्टूडेंट्स को फ्री स्पेस रिसर्च ट्रेनिंग दी जा सके।


