
ठाणे ( यूनिस खान ) नगर सेविका नम्रता जयेंद्र कोली ने मांग उठाई कि ठाणे रेलवे स्टेशन से राबोडी तक एलिवेटेड रूट से महागिरी क्रीक को नुकसान होगा। इसके बाद महामेट्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर श्रवण हार्डिकर ने घोषणा की कि इस रूट की टेक्निकल फ़ीज़िबिलिटी की जांच की जाएगी। ठाणे रिंग मेट्रो की मंज़ूर डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार, ठाणे रिंग मेट्रो रूट राबोडी से छत्रपति शिवाजी महाराज चौक स्टेशन तक और फिर सड़क के किनारे रैंप के ज़रिए बेडेकर कॉलेज तक जाएगा। उसके बाद, यह रूट ठाणे जंक्शन से अगले नए ठाणे मेट्रो स्टेशन तक अंडरग्राउंड रखा गया है। इसी बैकग्राउंड में, कॉर्पोरेटर नम्रता कोली ने मीटिंग में अंडरग्राउंड रूट की मांग की।
राबोडी से छत्रपति शिवाजी महाराज चौक स्टेशन से चेंदनी कोलीवाड़ा तक का रूट पतला और घनी आबादी वाला है। सड़क के एक तरफ महागिरी क्रीक है। अगर इस किनारे से रास्ता लिया गया, तो भविष्य में बाढ़ आएगी। साथ ही, कुदरती मैंग्रोव के खत्म होने से पर्यावरण को भी नुकसान होगा। पिछले कुछ सालों में, सड़क चौड़ी करने की वजह से कोलीवाड़ा को नुकसान हुआ है। इन कामों के दौरान मैंग्रोव को नुकसान हुआ। नम्रता कोली ने मांग की कि रिंग मेट्रो महागिरी कोलीवाड़ा को फिर से नुकसान न पहुंचाए, जिसके बाद मैनेजिंग डायरेक्टर श्रवण हार्डिकर ने इस रास्ते की फिजिबिलिटी की जांच करने का निर्देश दिया।


