
ठाणे ( यूनिस खान ) घर सिर्फ़ चार दीवारें नहीं, बल्कि अपनेपन, प्यार, खुशी और परिवार के सपनों का किला है। मेरा उद्देश्य यह पक्का करना है कि हर परिवार को एक अच्छा और सुरक्षित घर मिले। राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है। उन्होंने ठाणे के माजीवाड़ा सर्कल के साईनाथ नगर में जय भवानी कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों को घरों की चाबियां बांटने के एक प्रोग्राम में बोलते हुए यह बात कही है।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि नगर सेवक , विधायक , मंत्री, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विरोधी पक्ष नेता, तक का मेरा सफर सिर्फ़ ठाणेकरों के आशीर्वाद से हुआ है। इसलिए, जब मैं लाभार्थी को घरों की चाबियां सौंपता हूं तो मुझे हमेशा खास खुशी होती है। राज्य सरकार हर किसी के अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए कमिटेड है। गृह निर्माण मंत्री की ज़िम्मेदारी संभालने के बाद, राज्य में रुके हुए रीडेवलपमेंट और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को जल्द से जल्द पूरा करने का तय किया गया है, और प्रोजेक्ट्स में आने वाली सभी रुकावटों को दूर करके नागरिकों को जल्द से जल्द घर उपलब्ध कराए जाएंगे। शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार क्लस्टर रीडेवलपमेंट को बहुत बढ़ावा दे रही है। वागले एस्टेट समेत कई जगहों पर प्रोजेक्ट्स लगभग पूरे होने वाले हैं, जबकि मुंबई के रमाबाई अंबेडकर नगर में 17,000 घरों का एक क्लस्टर प्रोजेक्ट शुरू हो गया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार का इरादा इसके ज़रिए मुंबई और ठाणे को स्लम-फ़्री बनाना है।
सरकार यह पक्का करने की कोशिश कर रही है कि हर नागरिक को अच्छी क्वालिटी और इज्ज़त का घर मिले, और नागरिकों को 300 स्क्वेयर फ़ीट के क्वालिटी वाले घर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने इस प्रोजेक्ट में बेहतरीन क्वालिटी के कंस्ट्रक्शन के लिए डेवलपर कटारिया की तारीफ़ की।”देर हुई पर दुरुस्त हुई” कहते हुए, शिंदे ने प्रोजेक्ट में मदद करने वाले सभी स्टेकहोल्डर्स को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि सभी की मिली-जुली मदद से ही यह प्रोजेक्ट जल्दी पूरा हो सका। इस मौके पर डेवलपर्स को साफ मैसेज देते हुए शिंदे ने कहा, “नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा होने में नौ साल नहीं लगने चाहिए। अब प्रोजेक्ट्स तीन साल के अंदर पूरे होने चाहिए। जो लोग समय पर और क्वालिटी काम करेंगे, उन्हें ही सरकार आगे काम देगी।”इस इवेंट में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक, सांसद नरेश म्हस्के, ठाणे की महापौर शर्मिला पिंपलोलकर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।


