
प्रतापगढ़ ( उप्र ), पर्यावरण संवर्धन व संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की जिम्मेदारी सिर्फ सरकारों की ही नहीं है। इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज के प्रत्येक घटक का सहभाग जरूरी है। स्वस्थ्य जीवन के लिए शुद्ध हवा व स्वस्थ्य पर्यावरण की जरूरत होती है। इस आशय का बयान अमन फाउंडेशन के अध्यक्ष वाय एल खान ने दिया है। लालगंज तहसील के पूरे मौजम देल्हूपुर में अमन फाउंडेशन की ओर शुरू वृक्षारोपण अभियान के दौरान उन्होंने यह बात कहा है। इस समय शाहिद खान, नईम खान, अरफाज खान आदि की उपस्थिति में एक पेड़ दशहरी , एक पेड़ चौसा आम और तीन पेड़ सहिजन के लगए गए। फाउंडेशन के अध्यक्ष खान ने कहा कि सरकारें वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए जनजागरण कर रही हैं। पर्यावरण संवर्धन, संरक्षण और जलवायु परिवर्तन में जन भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारों को अधिक प्रभावी योजना शुरू करना चाहिए।
बागवानी के लिए लोगों को आकर्षित करने और इसे रोजगार से जोड़ने की जरूरत है। पहले पर्यावरण क्षरण और जलवायु परिवर्तन का दंश शहरों में रहने वालों को दिखाई देता था। अब देश के ग्रामीण क्षेत्रों में खराब होते पर्यावरण से कभी भीषण गर्मी, ठंडी और अनियमित बारिश का दंश झेलना पड़ रहा है। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को रोकने में यदि हम विफल रहे तो हमें शुद्ध हवा और शुद्ध पानी कैसे मिलेगा। गत वर्षों में कोविड कल में हमने देखा कि ऑक्सीजन की कमी से लोगों की बड़ी संख्या में मृत्यु हो रही थी। तब हमें पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से होने वाली समस्याओं का पता चला। स्वस्थ्य जीवन को शुद्ध हवा और शुद्ध पानी चाहिए, यह शुद्ध पर्यावरण से ही संभव है।
देश में बहुत बड़ी सरकारी जमीनें खाली पड़ी हैं। इसी तरह खुले जानवरों से फसलों की सुरक्षा और खेती अधिक खर्चीली होने के चलते किसानों की बहुत जमीनें खाली पड़ी रहती हैं। ऐसी जमीनों पर फल और कीमती लकड़ी के पेड़ लगाकर फल और लकड़ी से अच्छी आय के साथ उसकी जरूरत भी पूरी की जा सकती है। पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए निरूपयोगी होने वाले पेड़ों को हटाने और नए पेड़ लगाने का किसानों को अवसर मिलना चाहिए। हम किसानों एवं ग्रामीणों से आवाहन करते हैं कि वे फल और लकड़ी को अपनी आवश्यकता का साधन और अपना रोजगार बनाने के लिए आगे आएं।


