
ठाणे ( यूनिस खान ) भारत सरकार का सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ‘नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग एब्यूज प्रिवेंशन’ लागू कर रहा है, जिसका मकसद देश में ड्रग्स के गलत इस्तेमाल को रोकना, ड्रग्स के बुरे असर के बारे में जागरूकता फैलाना और नागरिकों को नशा-मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसी के तहत, आज ज़िला परिषद, ठाणे ऑडिटोरियम में ‘ड्रग-फ्री इंडिया कैंपेन’ के तहत नशा-मुक्ति का सामूहिक शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने नशा-मुक्त समाज बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहने की शपथ ली।
प्रोग्राम में डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) अविनाश फड़तरे, डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (ग्राम पंचायत) प्रमोद काले, डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर डॉ. गंगाधर पारगे, सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट की हेड उज्ज्वला सपकाले और जिला परिषद के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। इस स्कीम के तहत 15 अगस्त 2020 को शुरू किया गया ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ अब देश के सभी जिलों में बढ़ा दिया गया है। हर साल, 26 जून को भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर, ‘नशा मुक्त भारत अभियान – एक विकसित भारत की पहचान’ के कॉन्सेप्ट पर आधारित अलग-अलग जागरूकता प्रोग्राम, एक्टिविटी, शपथ ग्रहण समारोह, पब्लिसिटी और प्रचार कैंपेन 17 जून से 26 जून 2026 तक लागू करने का निर्देश दिया गया है।
इस मौके पर ली गई शपथ में, “मैं किसी भी तरह की लत या नशीली चीज़ों का सेवन नहीं करूँगा। मैं ड्रग्स के बुरे असर के बारे में जागरूकता फैलाऊँगा और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए मोटिवेट करूँगा। मैं एक नशा-मुक्त, हेल्दी समाज बनाने के लिए कमिटेड रहूँगा और एक साथ मिलकर नशा-मुक्त भारत बनाने में योगदान दूँगा,” हिस्सा लेने वालों ने अपना संकल्प जताया। यह नोट किया गया कि समाज में नशे के बारे में बड़े पैमाने पर जागरूकता पैदा करने और युवाओं, छात्रों और आम जनता तक एक हेल्दी और पॉजिटिव लाइफस्टाइल का संदेश पहुँचाने में ऐसी पहल का खास महत्व है।


