Aman Samachar
ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़महाराष्ट्र

शैक्षिक, चिकित्सा एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम संस्थान का कार्य अनुकरणीय – रमेश बैस

ठाणे [ युनिस खान ] कोरोना महामारी के दौरान जैन समुदाय ने अपने दान के माध्यम से देश के लाखों लोगों की मदद की। आज शिक्षा, चिकित्सा और आध्यात्मिक क्षेत्र में तेरा पंथ प्रोफेशनल फोरम के कार्य सराहना हैं। तेरा पंथ प्रोफेशनल फोरम के 16वां राष्ट्रीय सम्मेलन में महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल रमेश बैस ने इस आशय का उदगार व्यक्त किया है।
      ठाणे नंदनवन में आयोजित सम्मेलन में ठाणे जिलाधिकारी अशोक शिनगारे, मीरा-भाईंदर आयुक्त संजय काटकर, आचार्य महाश्रमण जी, साध्वी प्रचमा श्री विश्रुत विभा जी, मुनिवर महावीर कुमार जी, साध्वी वारिया संबुद्ध यशा जी, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज ओस्तवाल, डॉ मुनि रजनीश कुमार जी, मुख्य ट्रस्टी चंद्रेश बाफना, गजराज पगारिया, सुशील अग्रवाल, व्यापारी नेता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सचिव, व्यवसायी, उद्यमी आदि उपस्थित थे।
           राज्यपाल रमेश बैस ने आगे कहा कि आचार्य श्री महाश्रमण जी चातुर्मास के लिए महाराष्ट्र को चुनने के लिए विशेष रूप से धन्यवाद देता हूं। चातुर्मास स्वयं को जानने, श्रवण, और मनन के माध्यम से स्वयं को महसूस करने का एक अनूठा अवसर है। हम सभी भाग्यशाली हैं कि आज आचार्य महाश्रमण हमारे बीच हैं। यद्यपि वे एक धार्मिक संस्था के आचार्य हैं, तथापि उनके विचार उदार एवं धर्मनिरपेक्ष हैं। उन्होंने जनता को शिक्षित करने के लिए 3 देशों और 23 राज्यों की पैदल यात्रा की है।
       यह संगठन नशामुक्ति के लिए ‘अहिंसा यात्रा’ के माध्यम से यह नैतिकता और सद्भावना को प्रेरित करता है, जो एक विशिष्ट राष्ट्रीय कार्य है। उन्होंने कहा कि मैं संस्था की कड़ी मेहनत और तपस्या को सलाम करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि  आमतौर पर देखा जाता है कि अच्छी शिक्षा, अच्छा व्यवसाय और सफलता पाने के बाद लोग धार्मिक कार्यों से मुंह मोड़ लेते हैं। वे सोचते हैं मैंने जीवन में जो कुछ भी हासिल किया है, अपने बलबूते पर हासिल किया है। लेकिन ऐसा नहीं है। जीवन में कर्म के साथ अध्यात्म से जुड़ना भी जरूरी है। इस कार्यक्रम में इतनी बड़ी संख्या में युवा प्रोफेशनल्स को उपस्थित देखकर एवं आचार्य महाश्रमणजी के पावन सान्निध्य में इस संगोष्ठी के आयोजन हेतु राज्यपाल बैस ने ‘तेरा पंथ प्रोफेशनल फोरम’ की विशेष रूप से सराहना की।
       उन्होंने कहा कि भारत समृद्ध संस्कृति, दर्शन और आध्यात्मिकता वाली एक महान सभ्यता है। महाराष्ट्र महान संतों की भूमि है। हमारे देश में ज्ञानोदय की महान परंपरा में भगवान महावीर का महत्वपूर्ण स्थान है। उनका मिशन अहिंसा, संयम और अपरिग्रह की आध्यात्मिक शिक्षाओं के माध्यम से लोगों का आध्यात्मिक उत्थान था। राज्यपाल बैस ने कहा, प्रभु महावीर की आध्यात्मिक शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए, आचार्य तुलसी ने अणुव्रत आंदोलन के बैनर तले महिला उत्पीड़न, दहेज प्रथा, विधवा उत्पीड़न, अस्पृश्यता और महिलाओं पर पर्दा डालने जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने नशामुक्ति के लिए एक सामाजिक अभियान शुरू किया। आचार्य जी की प्रेरणा से हजारों लोगों ने इसमें भाग लिया है। नशामुक्ति सफल रही है। राज्यपाल ने कहा, हम सभी को छोटे-छोटे संकल्पों के माध्यम से आत्म-विकास, सामाजिक विकास और राष्ट्रीय विकास में योगदान देने की जरूरत है। गरीबों, आदिवासियों, विकलांगों, अनाथों और जेल के कैदियों, परित्यक्त लोगों की मदद करने की शक्ति और क्षमता है। आपको अपने अंदर करुणा को जगाने की जरूरत है। आचार्य महाप्रज्ञ जी की सलाह पर शुरू किए गए आचार्य महाप्रज्ञ ज्ञान केंद्र के माध्यम से आईएएस कोचिंग और बोर्डिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। राज्यपाल बैस ने कहा कि उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई है।
      इस अवसर पर आचार्य महाश्रमण जी ने श्रोताओं को उपदेश देते हुए कहा कि व्यसन से दूर रहना जरूरी है। अब तक 1 लाख लोगों को नशे से मुक्ति मिल चुकी है। हमें क्रोध से दूर रहना चाहिए। जो लोग अच्छे काम करते हैं वे हमेशा अच्छा करते हैं। आपका बिज़नेस हमेशा अच्छा होना चाहिए।

संबंधित पोस्ट

शहर के कचरे से 13 मेगावाट बिजली निर्माण की प्रस्तावित परियोजना शीघ्र होगी शुरू – मनपा आयुक्त 

Aman Samachar

रेलवे लाईन के किनारे रहने वाले लाखो परिवारों को विस्थपित नहीं करने देंगे – डा जितेन्द्र आव्हाड

Aman Samachar

उप्र में पहले थानेदार दुबक जाता था अब हवालदार को देख घरों में दुबक रहे माफिया के परिवार – दिनेश शर्मा

Aman Samachar

कोरोना के नए वेरियंट प्रकोप को रोकने के लिए जिले में प्रतिबंध लागू 

Aman Samachar

हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी एक गुलदस्ते के फूल- आबू आसिम आजमी

Aman Samachar

संपत्ति कर में 100 फीसदी ब्याज माफी की अभय योजना 15 जनवरी 2024 तक बढ़ी 

Aman Samachar
error: Content is protected !!