
मुंबई ( युनिस खान ) एसटी कॉरपोरेशन की वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाओं को समझने के लिए एक आर्थिक श्वेत पत्र तैयार किया जाना चाहिए। यह निर्देश परिवहन मंत्री एवं एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक को एस.टी. प्रशासन को दिया है। वे आज एसटी मुख्यालय में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। एसटी कॉर्पोरेशन के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. माधव कुसेकर, वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी गिरीश देशमुख तथा सभी विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।
उन्होंने आगे कहा कि 10,000 करोड़ रुपये का संचित घाटा झेल रही एसटी कॉर्पोरेशन को कर्मचारियों के वेतन, वाहन खरीद, टायर खरीद, ईंधन खरीद, स्टेशन नवीनीकरण और अन्य स्थापना खर्चों के लिए दैनिक वित्तीय कार्य करना पड़ता है। निगम को कर्मचारी बकाया, भविष्य निधि की किश्तों और श्रम अनुबंधों के तहत लंबित भुगतान के लिए धन की आवश्यकता है। साथ ही, निगम को ईंधन, माल और सेवाओं के आपूर्तिकर्ताओं से ईंधन, माल और सेवाओं के बकाया जैसे सभी कारकों पर विचार करने के बाद एसटी निगम की वर्तमान आय क्या है? इसकी कीमत कितनी होती है? इसके अलावा कितने भुगतान बकाया हैं। मंत्री सरनाईक ने कहा कि इन सबका हिसाब देने के लिए श्वेत पत्र जारी करना और इससे आर्थिक अनुशासन बनाना जरूरी है।
जैसा कि हाल ही में संपन्न बजट सत्र में मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था, अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) को सूचित किया जाएगा कि 1310 बसों को पट्टे पर देने के पूरे मामले की निष्पक्ष व्यक्ति द्वारा जांच की जाएगी। धर्मवीर आनंद दिघे के नाम पर एक “कैशलेस मेडिक्लेम” योजना शुरू की जानी चाहिए, जहां कर्नाटक परिवहन निगम के आधार पर सभी कर्मचारियों को एक ही छत के नीचे चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। मंत्री प्रताप सरनाईक ने एसटी प्रशासन को ये निर्देश दिए। मंत्री प्रताप सरनाईक ने बैठक में बताया कि एसटी प्रशासन की दक्षता बढ़ाने के लिए संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सलाह बहुत महत्वपूर्ण है और एसटी महामंडल के अधिकारियों और प्रशासन को मार्गदर्शन देने के लिए ऐसे विशेषज्ञों की नियुक्ति की जानी चाहिए। तदनुसार, निर्माण, परिवहन, श्रम, आर्थिक और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के लिए पांच-पांच विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी।


